तिमाही और डिविडेंड के आंकड़े
कंपनी ने चौथी तिमाही (Q4'26) में भी शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें नेट प्रॉफिट 25.0% तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) और 21.4% साल-दर-साल (YoY) बढ़कर ₹130.50 करोड़ रहा। इसके साथ ही, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों को ₹4.15 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है, जिसे आगामी एजीएम (AGM) में मंजूरी मिलनी बाकी है।
नई लीडरशिप और AI स्ट्रेटेजी
Sonata Software अपनी 'AI-first' मॉडर्नाइजेशन स्ट्रेटेजी पर जोर दे रही है। इस बीच, कंपनी में एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन भी हुआ है। मिस्टर समीर धीर 8 मई, 2026 को मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO के पद से इस्तीफा देंगे। उनकी जगह 9 मई, 2026 से मिस्टर राजशेखर दत्ता रॉय नए CEO के तौर पर कमान संभालेंगे।
क्रेडिट लॉस प्रोविजन और अन्य आय
हालांकि, कंपनी को एक ग्राहक के साथ चल रही कानूनी कार्यवाही के चलते क्रेडिट लॉसेस के लिए लगभग ₹97 करोड़ का प्रोविजन (Provision) करना पड़ा है। इसे एक एक्सेप्शनल आइटम (Exceptional Item) के तौर पर दिखाया गया है, जिसका असर नेट प्रॉफिट पर पड़ा है। वहीं, कंपनी ने कंटीजेंट कंसीडरेशन लायबिलिटी (Contingent Consideration Liability) के रिवर्सल से करीब ₹65 करोड़ का फायदा भी दर्ज किया है।
साथियों से तुलना
अगर साथियों की बात करें तो Sonata Software का FY'26 में 5.4% का रेवेन्यू ग्रोथ और 9.3% का PAT ग्रोथ Mastek Ltd (लगभग 10% रेवेन्यू और 15% PAT ग्रोथ) और Happiest Minds Technologies (लगभग 12% रेवेन्यू और 18% PAT ग्रोथ) की तुलना में कुछ कम नजर आता है।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें
निवेशकों की नजरें अब नए CEO, मिस्टर राजशेखर दत्ता रॉय के नेतृत्व में 'AI-first' स्ट्रेटेजी के अमल पर रहेंगी। साथ ही, क्लाइंट एक्विजिशन (Client Acquisition) और नए बिजनस से होने वाली कमाई पर भी ध्यान दिया जाएगा। ग्राहक कानूनी कार्यवाही से जुड़े प्रोविजन का भविष्य में कंपनी की वित्तीय स्थिति पर क्या असर पड़ता है, यह भी देखना अहम होगा।
