Smartlink Holdings Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड एनुअल रेवेन्यू (Consolidated annual revenue) पिछले साल के मुकाबले 23.63% बढ़कर ₹279.93 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated net profit) पिछले साल के ₹6.61 करोड़ से 99.02% बढ़कर ₹13.15 करोड़ हो गया। कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट से ₹117.25 करोड़ के सभी शॉर्ट-टर्म कर्ज को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जो एक बड़ी वित्तीय मजबूती दर्शाता है।
कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को ₹2.00 प्रति शेयर के हिसाब से 100% का फाइनल डिविडेंड (Final dividend) देने की सिफारिश की है।
हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों पर ध्यान देना होगा। कंपनी के कुल कंसोलिडेटेड खर्चे (Consolidated expenses) ₹22,110.47 करोड़ से बढ़कर ₹26,229.71 करोड़ हो गए। इसमें एम्प्लॉई बेनिफिट खर्च (Employee benefit expenses) भी ₹2,342.83 करोड़ से बढ़कर ₹2,921.03 करोड़ हो गया। साथ ही, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (Standalone net profit) में आई बड़ी बढ़ोतरी का मुख्य कारण सब्सिडियरी Digisol Systems Limited से ₹12.88 करोड़ का एक बार का इंपेयरमेंट रिवर्सल (Impairment reversal) रहा। इसका मतलब है कि कंपनी का मूल स्टैंडअलोन ऑपरेशनल परफॉरमेंस (Standalone operational performance) रिपोर्ट किए गए प्रॉफिट जितना मजबूत नहीं हो सकता है।
Smartlink Holdings भारत के IT डिस्ट्रीब्यूशन मार्केट में Redington India Ltd, Ingram Micro India, और Supertron Electronics जैसे दिग्गजों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
