FY26 में Seshaasai Technologies का दमदार प्रदर्शन: कर्ज़ घटा, मुनाफा बढ़ा
Seshaasai Technologies ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पूरे साल के लिए 7.96% बढ़कर ₹240.01 करोड़ रहा। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में यह ₹81.79 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू FY26 में 1.22% घटकर ₹1,455.71 करोड़ हो गया, जो पिछले साल FY25 में ₹1,473.62 करोड़ था।
इस फाइनेंशियल ईयर की सबसे बड़ी कामयाबी कंपनी के कर्ज़ में आई भारी कमी है। सितंबर 2025 में IPO से मिली रकम और अन्य फंड्स का इस्तेमाल करते हुए, कंपनी ने अपने कंसोलिडेटेड बोरिंग्स (कर्ज़) को मार्च 2025 के ₹352.89 करोड़ से घटाकर मार्च 2026 तक सिर्फ ₹76.93 करोड़ कर दिया है। इस कर्ज़ मुक्ति (deleveraging) के चलते कंपनी का कुल इक्विटी बढ़कर ₹1,425.98 करोड़ हो गया।
बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹2.50 प्रति शेयर (यानी 25% का पेआउट) का डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है।
रेवेन्यू में आई मामूली गिरावट की मुख्य वजह पेमेंट कार्ड इश्यूअंस (payment card issuance) की मांग में आई नरमी बताई जा रही है।
निवेशकों को कुछ बातों पर ध्यान देना होगा। जहां प्रॉफिट बढ़ा है, वहीं रेवेन्यू में 1.22% की गिरावट आई है। साथ ही, कंपनी का टॉप 10 क्लाइंट्स पर निर्भरता 62.8% है, जो एक कंसंट्रेशन रिस्क (concentration risk) पैदा करता है। लेबर कोड्स से जुड़े खास खर्चों (₹2.51 मिलियन या ₹0.25 करोड़) ने भी सालाना प्रॉफिट को थोड़ा प्रभावित किया है, हालांकि इसे एक बार का खर्च माना जा रहा है।
Seshaasai Technologies इंडिया के पेमेंट सॉल्यूशंस और डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सेक्टर की एक बड़ी कंपनी है। यह पेमेंट कार्ड, स्मार्ट कार्ड और सिक्योर डॉक्यूमेंट्स बनाती है। कंपनी का IPO सितंबर 2025 में BSE और NSE पर लिस्ट हुआ था।
इस सेक्टर में CMS Info Systems Ltd जैसी कंपनियां भी हैं, जो कैश मैनेजमेंट और पेमेंट सर्विसेज में बड़ा नाम हैं। जहां CMS Info Systems ने लगातार रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई है, वहीं Seshaasai अभी IPO के बाद अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने और बैलेंस शीट मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
FY26 के मुख्य वित्तीय आंकड़े:
- Q4 FY26 रेवेन्यू में Q4 FY25 की तुलना में 10.25% की बढ़त।
- FY26 कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 1.22% की गिरावट।
- FY26 कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 7.96% की बढ़त।
- कंसोलिडेटेड बोरिंग्स में भारी कमी: मार्च 2025 के ₹352.89 करोड़ से घटकर मार्च 2026 में ₹76.93 करोड़।
- कुल इक्विटी: ₹1,425.98 करोड़ (मार्च 2026 तक)।
- FY26 का कंसोलिडेटेड PAT मार्जिन: करीब 16.7%।
आगे क्या देखें:
- Q4 FY26 की मजबूत प्रॉफिट परफॉर्मेंस का आगे भी जारी रहना।
- पेमेंट कार्ड इश्यूअंस में नरमी से निपटने के लिए मैनेजमेंट की स्ट्रेटेजी।
- क्लाइंट बेस में विविधता लाने और कंसंट्रेशन रिस्क कम करने के प्रयास।
- घटे हुए कर्ज़ का कंपनी की ग्रोथ योजनाओं पर असर।
- डिविडेंड पेआउट और भविष्य की कैपिटल एलोकेशन स्ट्रैटेजी।