चेयरमैन के वेतन पर शेयरहोल्डर्स का भरोसा
24 मार्च 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में कंपनी के चेयरमैन, मिस्टर Rajagopal Ravi के रेमुनरेशन (वेतन) को लेकर शेयरहोल्डर्स की राय साफ हो गई। 21 फरवरी से 22 मार्च 2026 तक चले पोस्टल बैलेट में 99.9876% से ज्यादा वैध वोटों के साथ उनके रेमुनरेशन की मंजूरी मिल गई। यह इस बात का संकेत है कि शेयरहोल्डर्स कंपनी के लीडरशिप और गवर्नेंस (Governance) पर पूरा भरोसा रखते हैं।
इंसेंटिव और रेमुनरेशन पर फैसले की वजह
ये फैसले कंपनी में एग्जीक्यूटिव (Executive) सैलरी स्ट्रक्चर को मजबूत करने और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के स्टैंडर्ड्स को बनाए रखने के लिए जरूरी थे। MD और CEO के लिए इंसेंटिव को कंपनी के भविष्य के परफॉरमेंस से जोड़ा गया है, ताकि मैनेजमेंट के हित कंपनी के ग्रोथ से सीधे जुड़े रहें। चेयरमैन के रेमुनरेशन को मिली भारी मंजूरी ने नेतृत्व और कंपनी की कार्यप्रणाली में शेयरहोल्डर्स के विश्वास को और पुख्ता किया है।
Saven Technologies का बैकग्राउंड
Saven Technologies एक आईटी (IT) सर्विसेज फर्म है, जिसकी शुरुआत 1990 के दशक के मध्य में हुई थी। कंपनी सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस और कंसल्टिंग का काम करती है, और इसकी आय का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है। कंपनी में एग्जीक्यूटिव और डायरेक्टर्स की सैलरी तय करने के लिए बोर्ड और शेयरहोल्डर की मंजूरी लेने की पुरानी परंपरा रही है।
शेयरहोल्डर्स के लिए मायने
आने वाले फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए एग्जीक्यूटिव सैलरी को लेकर शेयरहोल्डर्स के लिए अब तस्वीर साफ है। MD और CEO का परफॉरमेंस इंसेंटिव तय हो गया है, जो कंपनी के टारगेट पूरा होने पर निर्भर करेगा। वहीं, चेयरमैन के वेतन की मंजूरी ने कंपनी के गवर्नेंस फ्रेमवर्क को और मजबूत किया है।
इंडस्ट्री में सैलरी का कंपेरिजन
Saven Technologies द्वारा अपने एग्जीक्यूटिव सैलरी को फाइनल करने के साथ ही, यह भी जानना जरूरी है कि बड़ी भारतीय आईटी कंपनियां जैसे Infosys, Wipro और HCLTech अपने CEOs को इससे कहीं ज्यादा सैलरी पैकेज देती हैं। FY25 में ये पैकेज आमतौर पर ₹25 करोड़ से लेकर ₹90 करोड़ तक थे। यह अंतर कंपनियों के आकार और मार्केट में उनकी पोजीशन को दर्शाता है।
आगे क्या उम्मीद करें
आगे निवेशक Saven Technologies के FY 2025-26 के परफॉरमेंस पर नजर रखेंगे, ताकि यह देखा जा सके कि MD और CEO का इंसेंटिव कैसे पूरा होता है। कंपनी का मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस के प्रति समर्पण, जैसा कि इन शेयरहोल्डर अप्रूवल्स से जाहिर हुआ है, एक अहम फोकस बना रहेगा।
