क्यों दिया ऑडिटर ने इस्तीफा?
Nitin K. Shah & Co. ने कंपनी छोड़ने के पीछे कुछ मुख्य कारण बताए हैं। इनमें ऑडिटर की भूमिका के तकनीकी पहलू, कंप्लायंस (Compliance) की बढ़ती जिम्मेदारियां और फिर से अपॉइंटमेंट के लिए जरूरी पांच साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड (Cooling-off period) शामिल है। कंपनी ने साफ किया है कि ऑडिटर और उसके बीच किसी भी तरह का कोई मतभेद नहीं है।
नई ऑडिटर की तलाश क्यों जरूरी?
किसी भी कंपनी के लिए अपने स्टैच्यूटरी ऑडिटर का समय पर अपॉइंटमेंट सुनिश्चित करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह कंपनी की फाइनेंशियल ट्रांसपेरेंसी (Financial transparency) बनाए रखने और रेगुलेटरी नियमों का पालन करने के लिए बेहद जरूरी है। एक नए ऑडिटर की तुरंत नियुक्ति से फाइनेंशियल ऑडिट में कोई रुकावट नहीं आएगी और निवेशकों का भरोसा भी बना रहेगा।
Riddhi Corporate Services में ऑडिटर बदलने का इतिहास
यह Riddhi Corporate Services के लिए ऑडिटर बदलने का कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले, 14 नवंबर, 2025 को प्रभावी होने वाली तारीख से Jain Kedia and Sharma ने भी समय पर जानकारी न मिलने और फीस को लेकर विवाद के चलते इस्तीफा दे दिया था। जनवरी 2023 में M. B. Gabhawala & Co. भी स्टैच्यूटरी ऑडिटर के पद से हट गए थे। Nitin K. Shah & Co. को 2 फरवरी, 2026 को Jain Kedia and Sharma द्वारा खाली की गई सीट भरने के लिए नियुक्त किया गया था, और अब वे खुद इस्तीफा दे रहे हैं।
आगे क्या?
अब Riddhi Corporate Services को जल्द से जल्द एक नए स्टैच्यूटरी ऑडिटर की पहचान करनी होगी और उसे नियुक्त करना होगा। इस प्रक्रिया में बोर्ड की मंजूरी और यह सुनिश्चित करना शामिल होगा कि नई फर्म कुशलतापूर्वक ऑडिट कर सके।
कंपनी BPO/ITeS और IT सर्विसेज सेक्टर में काम करती है। इस इंडस्ट्री में Firstsource Solutions Ltd., eClerx Services Ltd., और Hinduja Global Solutions Ltd. जैसी कंपनियां भी इसी तरह के ऑपरेशनल और रेगुलेटरी माहौल में काम करती हैं।
