रत्नावीर के नतीजे और नया बिजनेस प्लान
यह कंपनी के लिए एक डबल धमाका है! जहां एक तरफ रत्नावीर प्रिसिजन इंजीनियरिंग ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में अपने शानदार वित्तीय नतीजों से निवेशकों को खुश किया है, वहीं दूसरी तरफ एक बड़े रणनीतिक कदम का भी ऐलान किया है।
कंपनी का रेवेन्यू 20.37% बढ़कर ₹1078.41 करोड़ हो गया है। सबसे खास बात यह है कि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 37.33% का जबरदस्त इजाफा देखा गया, जो ₹64.30 करोड़ रहा। इसी के साथ, ईबीआईटीडीए (EBITDA) में भी 29.08% की वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹121.88 करोड़ पर पहुंच गया। यह कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दिखाता है।
₹338 करोड़ का बड़ा निवेश: CCL मैन्युफैक्चरिंग में एंट्री
अब बात करते हैं कंपनी के नए और बड़े कदम की। रत्नावीर प्रिसिजन इंजीनियरिंग ₹338 करोड़ के बड़े निवेश से कॉपर क्लैड लैमिनेट्स (CCL) के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कदम रखने जा रही है। गुजरात के वडोदरा में अगले तीन सालों में यह नया प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य रत्नावीर को भारत का पहला इंटीग्रेटेड, हाई-वॉल्यूम CCL मैन्युफैक्चरर बनाना है। यह कदम देश के प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) इकोसिस्टम को मजबूत करेगा और 'मेक इन इंडिया' पहल को बढ़ावा देगा।
रणनीति में बड़ा बदलाव
यह केवल एक नया प्रोडक्ट नहीं है, बल्कि कंपनी की रणनीति में एक बड़ा बदलाव है। पहले कंपनी का ज्यादातर बिजनेस एक्सपोर्ट पर आधारित (FY24 में 88% एक्सपोर्ट) था, लेकिन अब रत्नावीर एक बैलेंस्ड मॉडल पर काम कर रही है, जिसमें डोमेस्टिक सेल्स (FY26 में 65% डोमेस्टिक) का भी बड़ा योगदान है।
आगे क्या उम्मीद करें?
यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इसे हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में ले जाएगा। CCL, स्मार्टफोन से लेकर इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट तक सभी डिवाइसेस के लिए जरूरी PCB का एक बुनियादी मटेरियल है। घरेलू उत्पादन से रत्नावीर बड़े इंपोर्ट मार्केट में हिस्सेदारी हासिल करने की उम्मीद कर रही है। निवेशक अब कंपनी के नए CCL मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के निर्माण और शुरू होने की टाइमलाइन पर नजर रखेंगे। साथ ही, डोमेस्टिक और एक्सपोर्ट सेल्स के बीच बैलेंस, और नए CCL बिजनेस सेगमेंट के लिए ऑर्डर बुक का विकास भी अहम होगा।
