क्या है यह नया कॉन्ट्रैक्ट?
RailTel सॉफ्टवेयर डिफाइंड वाइड एरिया नेटवर्क (SDWAN) 2025 की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग (SITC) का काम संभालेगी। इसके साथ ही, अगले तीन सालों के लिए कंपनी इसकी सपोर्ट सर्विसेज भी प्रदान करेगी। यह प्रोजेक्ट मार्च 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है।
सरकारी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में RailTel की भूमिका
यह डील सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण में RailTel की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। SD-WAN टेक्नोलॉजी सुरक्षित, कुशल और फ्लेक्सिबल नेटवर्क कनेक्टिविटी के लिए बेहद अहम है, जो स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो जैसी संवेदनशील डेटा संभालने वाली एजेंसियों के लिए बहुत जरूरी है। यह दिखाता है कि सरकारी विभागों में एडवांस्ड नेटवर्किंग सॉल्यूशंस की मांग किस कदर बढ़ रही है।
RailTel का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड
RailTel, जो कि भारत सरकार के रेलवे मंत्रालय के तहत एक मिनीरत्न कैटेगरी-I पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) है, भारत के सबसे बड़े ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क्स में से एक का संचालन करती है। कंपनी को पहले भी कई बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक निष्पादित करने का अनुभव है।
वित्तीय असर
इस नए वर्क ऑर्डर से RailTel के ऑर्डर बुक में ₹29.49 करोड़ का इजाफा होगा। कंपनी को उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से अगले तीन वर्षों में रेवेन्यू (Revenue) जनरेट होगी, जिससे उसके वित्तीय प्रदर्शन को और मजबूती मिलेगी।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
RailTel इस क्षेत्र में Tata Communications, Sterlite Technologies और HFCL जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
