क्या है बोर्ड मीटिंग का एजेंडा?
Persistent Systems के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स 20 और 21 अप्रैल 2026 को इकट्ठा होंगे। इस बैठक में कंपनी 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स की समीक्षा करेगी। साथ ही, बोर्ड FY25-26 के लिए फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश पर भी विचार करेगा।
निवेशकों के लिए क्यों है यह अहम?
यह बोर्ड मीटिंग शेयरधारकों और बाजार के विश्लेषकों के लिए एक बड़ा मौका है। इससे Persistent Systems के पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के वित्तीय प्रदर्शन, रेवेन्यू (Revenue), प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) और ग्रोथ को लेकर पहली आधिकारिक जानकारी मिलेगी।
बोर्ड का फाइनल डिविडेंड को लेकर लिया गया फैसला, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी और कैपिटल एलोकेशन की रणनीति को दर्शाएगा। निवेशक कंपनी के ऑपरेशनल हेल्थ और भविष्य की संभावनाओं को समझने के लिए इन नंबरों पर बारीकी से नजर रखेंगे।
ट्रेडिंग विंडो बंद, नतीजों का इंतजार
नतीजों की घोषणा से पहले, कंपनी के सिक्योरिटीज के लिए ट्रेडिंग विंडो 23 अप्रैल 2026 तक बंद रहेगी और 24 अप्रैल 2026 को दोबारा खुलेगी।
मैनेजमेंट की कॉल और भविष्य की रणनीति
नतीजों के बाद, Persistent Systems निवेशकों और एनालिस्टों के साथ एक कॉल का आयोजन करेगी, जिसमें बैठक के नतीजों पर चर्चा की जाएगी। कंपनी ने FY27 तक $2 बिलियन का रेवेन्यू हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
पिछली तिमाही और फाइनेंशियल ईयर के नतीजे
बड़ी घोषणाओं से पहले, Q4 FY25 में Persistent Systems ने ₹3,242.11 करोड़ का रेवेन्यू और ₹395.76 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया था। पूरे FY25 के लिए, कंपनी का एनुअल रेवेन्यू $1,409.10 मिलियन (जो 18.8% का ईयर-ऑन-ईयर इजाफा दिखाता है) रहा। वहीं, FY25 का PAT ₹14,001.60 करोड़ था, जो 28.0% बढ़ा। कंपनी ने FY25 के लिए ₹35 प्रति शेयर का कुल डिविडेंड भी घोषित किया था।
कंपनी का प्रोफाइल और कॉम्पिटिशन
1990 में स्थापित Persistent Systems, एक ग्लोबल डिजिटल इंजीनियरिंग और एंटरप्राइज मॉडर्नाइजेशन पार्टनर के तौर पर उभरी है। यह AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों में निवेश करती है। यह IT सर्विसेज मार्केट में Infosys, TCS, Wipro, HCL Technologies, LTIMindtree, Mphasis जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
