NCLT ने दी हरी झंडी
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 21 अप्रैल 2026 को इस मर्जर पर अपना फैसला सुनाया। इसके तहत, Arrka Infosec Private Limited, Persistent Systems Limited में विलीन हो जाएगी। कंपनी ने 11 मई 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को इस डेवलपमेंट की जानकारी दी। मर्जर के लागू होने की तारीख 1 अप्रैल 2025 तय की गई है, जिसका मतलब है कि तब से ही वित्तीय और परिचालन स्तर पर एकीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इस मर्जर के बाद, Arrka Infosec एक अलग कानूनी इकाई के तौर पर काम करना बंद कर देगी और उसके सभी कामकाज Persistent Systems में समाहित हो जाएंगे।
स्ट्रक्चर को सरल बनाने की पहल
Persistent Systems अपने कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाने और परिचालन दक्षता (operational efficiency) बढ़ाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इस मर्जर से कंपनी को बेहतर तालमेल बिठाने और प्रशासनिक खर्चों में कटौती करने की उम्मीद है। इससे कंपनी अपने डिजिटल इंजीनियरिंग और आईटी सेवाओं पर और अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेगी।
रणनीतिक विस्तार का हिस्सा
Persistent Systems अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए लगातार अधिग्रहण (acquisitions) पर जोर दे रही है। हाल के वर्षों में, कंपनी ने डेटा एनालिटिक्स में मजबूती के लिए Data Glove (2021) और प्रोडक्ट लाइफसाइकिल मैनेजमेंट के लिए ProductOne (2023) का अधिग्रहण किया था। Arrka Infosec के साथ यह मर्जर भी इसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे कंपनी का ढांचा सरल होगा और डिजिटल इंजीनियरिंग सेवाओं में उसकी पकड़ मजबूत होगी।
मर्जर के बाद मुख्य बदलाव
- Arrka Infosec Private Limited अब एक अलग कंपनी के रूप में मौजूद नहीं रहेगी।
- Arrka Infosec के सभी कर्मचारियों को समान या बेहतर रोजगार शर्तों पर Persistent Systems में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
- कंपनी का स्ट्रक्चर पहले से कहीं ज्यादा सरल हो जाएगा, जिससे जटिलता कम होगी।
- संयुक्त ऑपरेशंस से एफिशिएंसी में सुधार और लागत बचत की उम्मीद है।
जोखिम जिन पर नजर
इस मर्जर से जुड़े टैक्स संबंधी प्रभावों की जांच करने का अधिकार आयकर विभाग (Income Tax Department) ने अपने पास सुरक्षित रखा है। यदि टैक्स चोरी या अनियमितता पाई जाती है, तो विभाग आगे की कार्रवाई कर सकता है। इसके अलावा, Arrka Infosec की पिछली देनदारियां (liabilities) भी मर्जर के बाद Persistent Systems पर लागू हो सकती हैं।
अहम तारीखें
- मर्जर की लागू होने की तारीख: 1 अप्रैल 2025
- NCLT का फैसला आया: 21 अप्रैल 2026
आगे क्या देखना होगा
- NCLT के फैसले और स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को अगले 30 दिनों के भीतर रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) के पास फाइल किया जाना।
- आयकर विभाग द्वारा मर्जर के टैक्स इंपैक्ट को लेकर कोई समीक्षा या कार्रवाई।
- मैनेजमेंट की ओर से इंटीग्रेशन से मिले फायदों पर अपडेट।
