One 97 Communications (Paytm) अब भविष्य की ग्रोथ के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बड़ा दांव लगा रहा है। कंपनी ने अपनी FY27 की स्ट्रेटेजी में AI एजेंट्स (AI agents) को मार्केटिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज़ (financial services) के लिए इस्तेमाल करने की योजना बताई है, जिससे रेवेन्यू ग्रोथ (revenue growth) में तेजी आने की उम्मीद है।
कंपनी का मुख्य लक्ष्य अगले 2.5 से 3 साल में 15-20% का EBITDA मार्जिन हासिल करना है। इसके लिए Paytm अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) और प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) पर ज़ोर देगा। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY26) में कंपनी का EBITDA ₹500 करोड़ था, और अब उम्मीद है कि भविष्य में EBITDA कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) से ज़्यादा होगा।
Paytm ने हाल ही में RBI के रेगुलेटरी हर्डल्स (regulatory hurdles) से निपटा है, जिसमें पेमेंट बैंक पर लगी रोकें शामिल थीं। अब इन रेस्ट्रिक्शन्स (restrictions) के हटने से कंपनी को मर्चेंट एक्विजिशन (merchant acquisition) में मदद मिलेगी। पहले कंपनी का फोकस बड़े पैमाने पर यूज़र्स और मर्चेंट्स बढ़ाने पर था, भले ही इससे प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़े। लेकिन अब कंपनी हाई-मार्जिन, AI-एन्हांस्ड रेवेन्यू स्ट्रीम्स (revenue streams) की ओर बढ़ रही है।
हालांकि, कंपनी कुछ चुनौतियों का सामना भी कर रही है। FY26 में मार्केटिंग सर्विसेज़ की रेवेन्यू ग्रोथ में गिरावट देखी गई। साथ ही, PIDF सब्सिडीज़ के खत्म होने से डिवाइस सब्सक्रिप्शन (device subscription) से होने वाली कमाई पर असर पड़ा है। मर्चेंट डिस्ट्रीब्यूशन (merchant distribution) में भी कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है, जिसमें PhonePe, Google Pay, BharatPe और Razorpay जैसी कंपनियां Paytm की टक्कर में हैं।
FY26 में, कोर पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विसेज़ सेगमेंट ने कुल रेवेन्यू का 55% और 30% योगदान दिया। निवेशकों की नज़र अब AI एजेंट्स की स्ट्रेटेजी के एग्जीक्यूशन (execution) पर रहेगी, साथ ही FY27 की रेवेन्यू ग्रोथ और EBITDA मार्जिन के लक्ष्यों को हासिल करने की क्षमता पर भी।
