टैक्स की बड़ी चूक, गवर्नेंस पर उठे सवाल
PFL Infotech Ltd ने अपनी FY26 की एनुअल कंप्लायंस रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा किया है। कंपनी 2015-16, 2017-18, और 2020-21 के लिए इनकम टैक्स भरने में नाकाम रही है। यह रिपोर्ट Marthi & Co द्वारा तैयार की गई है, जिसने यह भी बताया कि कंपनी SEBI के नियमों का पालन कर रही है, जिसमें इनसाइडर ट्रेडिंग पॉलिसी भी शामिल है।
नई नियुक्ति और गवर्नेंस में सुधार की उम्मीद
इनकम टैक्स में इस बड़ी चूक के साथ ही, कंपनी ने अनमोल सुनील अग्रवाल को 2 अप्रैल, 2025 से प्रभावी रूप से अपना नया कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर नियुक्त किया है। कंपनी के इस कदम से रेगुलेटरी एडहेरेंस और बेहतर डिस्क्लोजर प्रैक्टिसेज के प्रति प्रतिबद्धता दिखाने की उम्मीद है।
कंपनी का इतिहास और निवेशकों के लिए जोखिम
1993 में स्थापित PFL Infotech ने पोल्ट्री से लेकर सॉफ्टवेयर और अब ट्रेडिंग तक कई बिजनेस फेज़ देखे हैं। मैनेजमेंट नए बिजनेस मौके तलाश रहा है। कंपनी के प्रमोटर स्ट्रक्चर में भी हाल ही में बदलाव आया है, जिसमें श्री परम नंद चंद 14 अगस्त, 2025 को प्रमोटर बने। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा जोखिम है क्योंकि टैक्स डिफॉल्ट के चलते कंपनी पर भारी पेनल्टी, ब्याज और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा, कंपनी के ROE (Return on Equity) और ROCE (Return on Capital Employed) जैसे फाइनेंशियल मेट्रिक्स भी नेगेटिव हैं, जो चिंताओं को बढ़ाते हैं।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब PFL Infotech की टैक्स बकाया चुकाने की रणनीति पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। टैक्स अथॉरिटीज से इन बकायों को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान या एक्शन महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, भविष्य में कंपनी की टैक्स कंप्लायंस स्थिति पर होने वाले खुलासे भी अहम होंगे।
