PB Fintech के बोर्ड ने 11 मई, 2026 को हुई अपनी बोर्ड मीटिंग में कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने के उद्देश्य से कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई है।
कंपनी ने Mrs. Veena Vikas Mankar और Mr. Nilesh Bhaskar Sathe जैसे अनुभवी डायरेक्टर्स को उनके नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर दूसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए री-अपॉइंट (Re-appoint) करने की मंजूरी दी है। यह नया कार्यकाल 19 जून, 2026 से शुरू होकर 18 जून, 2031 तक रहेगा।
इसके साथ ही, बोर्ड ने Ms. Jyotsana Vempati Aggarwal को 11 मई, 2026 से प्रभावी पांच साल की अवधि के लिए एक एडिशनल डायरेक्टर (नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट) के रूप में नियुक्त किया है।
इन नियुक्तियों के पीछे कंपनी का मकसद लीडरशिप में निरंतरता सुनिश्चित करना और बोर्ड की इंडिपेंडेंट निगरानी (Oversight) को और अधिक सशक्त बनाना है। नए इंडिपेंडेंट एक्सपर्ट की एंट्री से बोर्ड को नई सोच और रणनीतिक दिशा-निर्देश मिलने की उम्मीद है।
इन बोर्ड नियुक्तियों के अलावा, कंपनी अपने ESOP 2021 प्लान में संशोधन करने और ऑडिट कमेटी (Audit Committee) का पुनर्गठन करने की योजना पर भी काम कर रही है। इन सभी बदलावों और डायरेक्टर्स के रेमुनरेशन (Remuneration) को अंतिम मंजूरी के लिए शेयरधारकों की सहमति की आवश्यकता होगी, जिसे पोस्टल बैलट (Postal Ballot) के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा।
PB Fintech, जिसने नवंबर 2021 में अपना IPO पेश किया था, लगातार अपने कॉर्पोरेट गवर्नेंस ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
भविष्य में, निवेशकों की नजर शेयरधारकों की वोटिंग के नतीजों पर रहेगी। साथ ही, पुनर्गठित ऑडिट कमेटी की भूमिका और ESOP 2021 प्लान में होने वाले बदलावों पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी। भारत के फिनटेक सेक्टर में One97 Communications (Paytm) और FSN E-Commerce Ventures Ltd (Nykaa) जैसी कंपनियों के उदाहरण दर्शाते हैं कि मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस किस तरह निवेशकों का भरोसा बनाने और कंपनी को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होता है।
