Oracle Financial Services Software Ltd (OFSS) ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY2026) के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश कर दिए हैं।
कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) ₹7,672.1 करोड़ (या ₹76,721 मिलियन) रही, और कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) ₹2,379.6 करोड़ (या ₹23,796 मिलियन) दर्ज किया गया।
कंपनी के डायरेक्टर्स बोर्ड ने इस नतीजे को मंजूरी दे दी है और ₹270 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। शेयरधारकों को यह डिविडेंड 7 मई, 2026 तक मिल जाएगा। यह भी अहम है कि कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditors) ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर 'अनमॉडिफाइड ओपिनियन' (Unmodified Opinion) दिया है, जो नतीजों की सटीकता की पुष्टि करता है।
यह डिविडेंड ऐलान OFSS की मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ और शेयरधारकों को वैल्यू लौटाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दिखाता है। तुलना करें तो, FY2025 में OFSS ने ₹6,850 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹2,380 करोड़ का नेट इनकम दर्ज किया था, साथ ही ₹265 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दिया था।
पहले i-flex Solutions के नाम से जानी जाने वाली OFSS, ग्लोबल बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर के लिए फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर और आईटी सर्विसेज देने का लंबा ट्रैक रिकॉर्ड रखती है। कंपनी क्लाउड-नेटिव सॉल्यूशंस पर फोकस कर रही है।
परफॉर्मेंस स्नैपशॉट:
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (FY26): ₹76,721 मिलियन
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (FY26): ₹23,796 मिलियन
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू (FY26): ₹57,167 मिलियन
- स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (FY26): ₹9,561 मिलियन
हालांकि, BFSI टेक सेक्टर में उतार-चढ़ाव बना रहता है। Q2 FY2026 के नतीजों में नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल कमी देखी गई थी, जो मार्जिन पर दबाव या अल्पकालिक अस्थिरता का संकेत दे सकती है।
साथ ही, 2022 में, Oracle Corporation और उसकी सब्सिडियरीज पर US SEC ने FCPA उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया था, जो 2016-2019 के बीच की घूसखोरी और फंड के इस्तेमाल से जुड़ा था। इससे Oracle India के ऑपरेशंस प्रभावित हुए थे।
OFSS का मुकाबला TCS और Infosys जैसी बड़ी IT फर्मों से है, जिनके BFSI सेक्टर में बड़े प्रैक्टिस एरिया हैं, साथ ही Intellect Design Arena जैसे स्पेशलाइज्ड BFSI IT प्रोवाइडर्स भी हैं। OFSS अपने खास फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स और सर्विसेज पर फोकस करके मजबूत मार्जिन बनाए रखने में सफल रही है।
निवेशक अब ₹270 के डिविडेंड के समय पर भुगतान पर नजर रखेंगे। BFSI टेक्नोलॉजी के बदलते रुझानों और क्लाउड सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग के बीच लाभप्रदता बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। प्रोडक्ट लाइसेंसिंग और क्लाउड सेवाओं में भविष्य की ग्रोथ को ट्रैक करना भी अहम होगा।
