कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: Paytm की पैरेंट कंपनी ने बढ़ाई शेयर कैपिटल
One 97 Communications, जो भारत की दिग्गज फिनटेक कंपनी Paytm की पैरेंट कंपनी है, ने अपने कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने और कंपनी की सफलता में उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए 70,504 नए इक्विटी शेयर जारी किए हैं। यह कदम एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOP) के तहत उठाया गया है, जो कि टेक कंपनियों में कर्मचारियों को बनाए रखने और प्रेरित करने का एक आम तरीका है।
शेयर इश्यू की पूरी जानकारी
6 मई 2026 को One 97 Communications Ltd की नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी (NRC) ने 177,044 नए ESOPs को मंजूरी दी। इसी के साथ, कंपनी ने ₹9 के एक्सरसाइज प्राइस पर और ₹8 प्रति शेयर के प्रीमियम के साथ 70,504 इक्विटी शेयर जारी किए। इस अलॉटमेंट के बाद, One 97 Communications के कुल जारी इक्विटी शेयरों की संख्या 640,109,676 से बढ़कर 640,180,180 हो गई है।
शेयरहोल्डर्स पर क्या होगा असर?
हालांकि ESOPs के जरिए कर्मचारियों को शेयर देना कंपनी के टैलेंट को आकर्षित करने और बनाए रखने की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इससे मौजूदा शेयरहोल्डर्स के मालिकाना हक में थोड़ी कमी (डाइल्यूशन) आ सकती है। हालांकि, One 97 Communications जैसे बड़े आवंटनों में यह डाइल्यूशन आमतौर पर मामूली ही होता है।
Paytm का ESOP को लेकर इतिहास
Paytm अपने कर्मचारियों को मोटिवेट करने के लिए ESOPs का इस्तेमाल करती रही है। इससे पहले भी कंपनी कई बार शेयर अलॉटमेंट कर चुकी है। उदाहरण के लिए, जनवरी 2026 में 188,879 शेयर अलॉट किए गए थे और 123,000 से अधिक ESOPs मंजूर किए गए थे। मार्च 2025 में भी ₹9 के एक्सरसाइज प्राइस पर 109,995 ESOPs को मंजूरी मिली थी।
यह भी गौरतलब है कि कंपनी और उसके फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने SEBI के साथ ESOP आवंटन से जुड़े एक मामले का निपटारा किया था, जिसमें जुर्माना और कुछ ऑप्शंस का कैंसिलेशन भी शामिल था।
फिनटेक बाजार में कॉम्पिटिशन
Paytm फिनटेक सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है, जहां PhonePe और Google Pay जैसे बड़े खिलाड़ी UPI पेमेंट मार्केट पर अपना दबदबा बनाए हुए हैं। ऐसे में, MobiKwik जैसी अन्य फिनटेक कंपनियां भी कर्मचारियों को बनाए रखने के लिए ESOPs जैसी योजनाओं का सहारा ले रही हैं।
भविष्य की राह
निवेशक अब One 97 Communications द्वारा भविष्य में किए जाने वाले ESOP ग्रांट्स और अलॉटमेंट्स पर पैनी नज़र रखेंगे, साथ ही कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी और शेयर होल्डिंग डाइल्यूशन के प्रभाव पर भी ध्यान देंगे।
