बैटरी में आत्मनिर्भरता की ओर Ola Electric
Ola Electric Technologies (OET) ने अपने ग्रुप की दूसरी सब्सिडियरी, Ola Cell Technologies (OCT) को 12.76 करोड़ Series A प्रेफरेंस शेयर आवंटित करने की मंजूरी दे दी है। इन शेयरों का कुल मूल्य ₹127.64 करोड़ है। यह कदम Ola Electric की इन-हाउस बैटरी सेल डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को और मजबूत करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
क्यों किया यह निवेश?
इस पूंजी आवंटन (capital allotment) के जरिए Ola Electric अपने इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और एनर्जी सॉल्यूशंस के लिए जरूरी बैटरी सेल्स के विकास और उत्पादन पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का लक्ष्य बाहरी सप्लायर्स पर निर्भरता कम करना और अपनी टेक्नोलॉजी रोडमैप पर अधिक नियंत्रण हासिल करना है, ताकि एक मजबूत EV इकोसिस्टम तैयार किया जा सके।
Ola की पिछली बैटरी योजनाएं
Ola Electric बैटरी इनोवेशन में पहले भी बड़े निवेश कर चुकी है। कंपनी ने बेंगलुरु में एक बैटरी इनोवेशन सेंटर (Battery Innovation Center) स्थापित करने की घोषणा की थी। इसके अलावा, कंपनी ने तमिलनाडु में लिथियम-आयन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए Ola Gigafactory स्थापित करने हेतु बड़ी फंडिंग हासिल की है।
हाल ही में, Ola Electric ने अपनी OCT में हिस्सेदारी बेचकर ₹2,000 करोड़ तक जुटाने की योजना बनाई है, जिसका इस्तेमाल लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। यह क्षमता वर्तमान में 1.5 GWh है और इसे 6 GWh तक ले जाने का लक्ष्य है। कंपनी अपनी इन-हाउस क्षमताओं को दर्शाते हुए NMC और LFP सेल्स जैसी प्रोप्राइटरी बैटरी टेक्नोलॉजीज पर भी काम कर रही है।
