Octaware Technologies Limited ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए सुश्री श्रुति अग्रवाल को कंपनी की नई कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी। सुश्री अग्रवाल कंपनी में की मैनेजरियल पर्सन (KMP) के रूप में भी कार्य करेंगी और कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत निर्धारित वैधानिक (statutory) जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ बोर्ड द्वारा सौंपे गए अन्य कार्यों को भी देखेंगी। यह नियुक्ति श्री मुकीम हबीब शेख के 31 मार्च, 2026 को इन पदों से इस्तीफा देने के बाद की गई है।
कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर का पद कंपनी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यह सुनिश्चित करता है कि कंपनी सभी कानूनी, नियामक और वैधानिक आवश्यकताओं का पूरी तरह से पालन करे। इस भूमिका में बोर्ड मीटिंग्स का प्रबंधन, शेयरधारकों के साथ प्रभावी संवाद और SEBI व रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज जैसे नियामकीय निकायों के पास समय पर filings शामिल हैं। एक योग्य कंपनी सेक्रेटरी कंपनी के सुशासन (corporate governance) को बनाए रखने, निवेशकों का विश्वास जीतने और कंपनी के सुचारू संचालन के लिए एक आधारस्तंभ होती है।
मुंबई स्थित सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और IT सॉल्यूशंस प्रदाता, Octaware Technologies Limited, हाल के दिनों में प्रबंधन में कई बदलावों से गुजरी है। श्री मुकीम हबीब शेख का कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर के पद से इस्तीफा, अक्टूबर 2025 में मोहम्मद असलम कुदरतुल्ला खान की CEO और KMP के रूप में नियुक्ति के बाद हुआ है, जो अनवर हुसैन बगदादी के इस्तीफे के बाद हुई थी। इससे पहले, सुश्री अलका कटारिया अगस्त 2021 से कंपनी सेक्रेटरी के पद पर सेवाएं दे रही थीं।
यह ध्यान देने योग्य है कि Octaware Technologies, BSE के SME प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध है। इस स्टेटस के कारण, कंपनी को इसके आकार और लिस्टिंग सेगमेंट के चलते, SEBI की कुछ अनिवार्य कॉरपोरेट गवर्नेंस रिपोर्टिंग आवश्यकताओं, जैसे विस्तृत अर्ध-वार्षिक कंप्लायंस रिपोर्ट्स, से छूट मिली हुई है। हालांकि, सुश्री अग्रवाल की नियुक्ति कंपनी के शासन ढांचे (governance framework) में निरंतरता सुनिश्चित करती है, खासकर पिछली पदधारक के जाने के बाद।
सुश्री श्रुति अग्रवाल अब वैधानिक अनुपालन (statutory compliance) और सेक्रेटेरियल कार्यों की देखरेख करेंगी। KMP के तौर पर उनकी भूमिका कंपनी के नेतृत्व ढांचे में उनके महत्व को दर्शाती है, और वह बोर्ड के सभी निर्देशों और कानूनी जनादेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगी। निवेशक संभवतः सुश्री अग्रवाल को जिम्मेदारियों के सुचारू हस्तांतरण पर बारीकी से नजर रखेंगे। साथ ही, कंपनी की वैधानिक और नियामक अनुपालन आवश्यकताओं का निरंतर पालन, प्रमुख प्रबंधकीय नियुक्तियों या परिवर्तनों से संबंधित आगे की घोषणाएं, और कंपनी का समग्र वित्तीय प्रदर्शन जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर भी नजर रखी जाएगी।
