Niyogin Fintech और iServeU Tech की ग्रोथ की कहानी
Niyogin Fintech, जो एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में ज़बरदस्त वित्तीय सुधार दर्ज किया है। कंपनी के Gross Loan Assets Under Management (AUM) में पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 26% की वृद्धि हुई है, जो ₹278.80 करोड़ से बढ़कर ₹351.20 करोड़ हो गया है। इस विस्तार का मुख्य कारण नए रणनीतिक साझेदारी (Partnerships) और बढ़ते लोन पोर्टफोलियो को बताया जा रहा है।
वहीं, Niyogin की सहायक कंपनी iServeU Tech ने भी अपनी नेट रेवेन्यू (Net Revenue) में बड़ा उछाल दिखाया है। पिछले साल के ₹13.60 करोड़ की तुलना में यह 56% बढ़कर ₹21.20 करोड़ पर पहुंच गया है। iServeU Tech के लिए ₹610 करोड़ का बड़ा ऑर्डर बुक (Order Book) भी इस प्रदर्शन को मजबूती दे रहा है, जो डिजिटल फाइनेंशियल सॉल्यूशंस की ज़बरदस्त मांग को दर्शाता है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, iServeU Tech का कुल नेट रेवेन्यू ₹74.90 करोड़ रहा।
Niyogin Fintech, एक NBFC के तौर पर, बैंकिंग लाइसेंस के बिना लोन और को-लेंडिंग जैसी सेवाएं प्रदान करती है। iServeU Tech, अपने टेक्नोलॉजी-संचालित डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल के ज़रिए व्यापक ग्राहक आधार तक डिजिटल फाइनेंशियल सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती है। ये ऑपरेशन मिलकर फिनटेक लेंडिंग (Fintech Lending) में Niyogin की बढ़ती पहुंच और प्रभावी टेक्नोलॉजी-आधारित मॉडल को दर्शाते हैं।
आगे चलकर, निवेशक इन नतीजों के फाइनल होने का इंतजार करेंगे। कंपनी की नई साझेदारियों, iServeU Tech के प्रदर्शन और ऑर्डर बुक के विस्तार के साथ-साथ मैनेजमेंट की ग्रोथ ड्राइवर्स पर टिप्पणियों पर नज़र रहेगी। हालांकि, कंपनी को भारतीय अर्थव्यवस्था की सामान्य स्थिति, NBFCs को प्रभावित करने वाले संभावित रेगुलेटरी बदलावों और फिनटेक व लेंडिंग इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा जैसे सेक्टर-विशिष्ट जोखिमों का भी सामना करना पड़ेगा।
