FY26 में कैसा रहा Newgen Software का प्रदर्शन?
Newgen Software Technologies ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 5.21% की बढ़त दर्ज की, जो पिछले साल के ₹1,486.88 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹1,574.40 करोड़ हो गया।
हालांकि, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 4.65% की गिरावट देखी गई, जो पिछले साल के ₹315.24 करोड़ से घटकर ₹300.58 करोड़ रह गया। स्टैंडअलोन बेसिस पर भी रेवेन्यू 4.84% बढ़कर ₹1,419.93 करोड़ हुआ, लेकिन नेट प्रॉफिट 2.76% घटकर ₹285.20 करोड़ पर आ गया।
मुनाफे में गिरावट की वजह
रेवेन्यू में यह बढ़ोतरी Newgen के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और लो-कोड सॉल्यूशंस की लगातार मांग को दर्शाती है। लेकिन, नेट प्रॉफिट में गिरावट की मुख्य वजह नए लेबर कोड्स (Labour Codes) से जुड़ा एक असाधारण आइटम (Exceptional Item) रहा, जिसका कंपनी के बॉटम लाइन पर ₹30.06 करोड़ का प्रभाव पड़ा।
ऑडिटर की नियुक्ति और डिविडेंड का ऐलान
कंपनी के बोर्ड ने गुड गवर्नेंस बनाए रखने के लिए PricewaterhouseCoopers Services LLP को FY 2026-27 के लिए इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) के तौर पर फिर से नियुक्त करने की सिफारिश की है। इसके अलावा, Walker Chandiok & Co LLP को अगले पांच सालों के लिए स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) के रूप में दोबारा चुना गया है।
बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी मिलने पर FY26 के लिए ₹6 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) प्रस्तावित किया है। आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 24 जुलाई, 2026 को होगी, जबकि डिविडेंड पाने वालों की लिस्ट के लिए रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई, 2026 तय की गई है।
कंपनी की स्थिति और तुलना
Newgen Software लो-कोड एप्लीकेशन डेवलपमेंट, केस मैनेजमेंट और बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी बैंकिंग, इंश्योरेंस और सरकारी क्षेत्रों में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को आसान बनाने में मदद करती है।
अपने प्रतिस्पर्धियों जैसे LTIMindtree (जिसने FY24 में 10.1% रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की) और Coforge (जिसकी ग्रोथ 11.4% रही) की तुलना में Newgen की FY26 की 5.21% रेवेन्यू ग्रोथ धीमी है। प्रॉफिट में आई गिरावट भी इन पीयर्स से अलग है, जो Newgen पर विशेष दबावों को उजागर करती है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
शेयरधारक AGM में प्रस्तावित ₹6 प्रति शेयर के डिविडेंड पर वोट करेंगे। ऑडिटर की दोबारा नियुक्ति कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं में स्थिरता और विश्वास को मजबूत करती है।
भविष्य में, निवेशक नए लेबर कोड्स के अंतिम वित्तीय प्रभाव पर नजर रखेंगे। कंपनी की भविष्य की रेवेन्यू ग्रोथ, FY27 में मार्जिन प्रदर्शन और रेगुलेटरी बदलावों से निपटने की रणनीति प्रमुख फोकस एरिया होंगे।
