###Nazara Technologies: ₹914 करोड़ के इम्पेयरमेंट लॉस ने FY26 प्रॉफिट को झटका दिया
Nazara Technologies के लिए यह फाइनेंशियल ईयर (FY26) काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी ने ₹55.7 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹81.9 करोड़ की तुलना में 32% कम है। इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह ₹914.7 करोड़ का एक महत्वपूर्ण इम्पेयरमेंट लॉस है। यह लॉस कंपनी के एक एसोसिएट इन्वेस्टमेंट (associate investment) से जुड़ा है और इसे हालिया ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े नए नियमों का असर माना जा रहा है।
###अन्य बड़े झटके: GST डिमांड्स और स्कीम वापसी
सिर्फ यही नहीं, कंपनी को कई सब्सिडियरीज़ (subsidiaries) में ₹92,241 करोड़ से अधिक के बड़े जीएसटी (GST) डिमांड्स का भी सामना करना पड़ रहा है। Nazara Technologies इन डिमांड्स को गलत बताते हुए इन्हें कानूनी तौर पर चुनौती दे रही है।
इसके अलावा, कंपनी ने पेपर बोट ऐप्स (Paper Boat Apps) के अमलगमेशन स्कीम (amalgamation scheme) को वापस लेने का भी फैसला किया है, जो कि एक बड़े कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा था। बोर्ड में भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिसमें दो नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति और फाउंडिंग चेयरमैन, मिस्टर विकास मित्तसेन (Mr. Vikash Mittersain) का री-डेजिग्नेशन शामिल है।
कंपनी और इंडस्ट्री का माहौल
Nazara Technologies भारत में एक डायवर्सिफाइड गेमिंग और स्पोर्ट्स मीडिया प्लेटफॉर्म है, जो ऑनलाइन गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स और फैंटेसी स्पोर्ट्स जैसे सेगमेंट्स में काम करती है। हालिया रेगुलेटरी बदलावों ने इस सेक्टर में अनिश्चितता बढ़ा दी है। कंपनी की एक स्टेप-डाउन सब्सिडियरी, फ्रीक्स 4यू गेमिंग जीएमबीएच (Freaks 4U Gaming GmbH) में इंसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स (insolvency proceedings) भी चल रही हैं, जिससे रिकवरी की उम्मीद कम है।
आगे क्या देखना है
अब निवेशकों की नजर पेपर बोट ऐप्स की अमलगमेशन स्कीम को वापस लेने की प्रक्रिया, नए नियुक्त डायरेक्टर्स (मिस्टर मुराड़ी राजन और मिस्टर मिथुन पद्म सचेती) की मंजूरी और चल रहे जीएसटी डिमांड्स के कानूनी नतीजों पर रहेगी।
