₹14.93 करोड़ के टैक्स डिमांड पर NIIT Learning Systems की दलील
NIIT Learning Systems Limited इनकम टैक्स के एक बड़े झटके का सामना कर रही है। कंपनी असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए ₹14.93 करोड़ के इनकम टैक्स डिमांड ऑर्डर के खिलाफ लीगल लड़ाई लड़ रही है। कंपनी ने 23 अप्रैल 2026 को कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील्स) के पास सुधार (Rectification) के लिए एक एप्लीकेशन और एक अपील दायर की है।
क्यों आया टैक्स डिमांड का नोटिस?
यह पूरा मामला 26 मार्च 2026 को मिले एक इनकम टैक्स नोटिस के बाद शुरू हुआ। टैक्स अथॉरिटीज का कहना है कि कंपनी से गणना संबंधी कुछ त्रुटियां (Computational Errors) हुई हैं और प्रीपेड टैक्स में भी कमी पाई गई है। इसी आधार पर ₹14.93 करोड़ का डिमांड ऑर्डर जारी किया गया था।
कंपनी का पक्ष और आगे क्या?
NIIT Learning Systems का मानना है कि यह डिमांड गलत है और इसे सुधारा जाना चाहिए। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस टैक्स डिमांड का फिलहाल कंपनी के फाइनेंशियल (Financials) या ऑपरेशन्स (Operations) पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। कंपनी अपने पूर्वज, NIIT Limited, की तरह ही टैक्स डिस्प्यूट्स से निपटने का प्रयास कर रही है, जिसने पहले ₹5.34 करोड़ के AY 2011-12 और ₹8.11 करोड़ के FY 2020-21 के GST डिमांड पर राहत पाई थी।
क्या हैं संभावित जोखिम?
अगर अपील या रेक्टिफिकेशन में कंपनी को राहत नहीं मिलती है, तो उसे ₹14.93 करोड़ की राशि, साथ ही लागू ब्याज और पेनाल्टी (Penalties) का भुगतान करना पड़ सकता है। यह कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर असर डाल सकता है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
शेयरहोल्डर्स (Shareholders) के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि कंपनी इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 154 के तहत दायर रेक्टिफिकेशन एप्लीकेशन का क्या नतीजा निकलता है। इसके अलावा, कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील्स) के सामने चल रही अपील प्रक्रिया पर भी नजर रखनी होगी। कंपनी की ओर से आने वाले अगले अपडेट्स महत्वपूर्ण होंगे।
