NIIT के FY26 नंबर्स: ₹0.61 Cr मुनाफे पर ₹1 डिविडेंड का बड़ा ऐलान!
फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए NIIT Limited ने अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (consolidated revenue) का आंकड़ा ₹3,901.71 मिलियन, यानी लगभग ₹39.02 करोड़ बताया है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट (net profit) या मुनाफा (profit after tax - PAT) ₹61.38 मिलियन यानी सिर्फ ₹0.61 करोड़ रहा। प्रति शेयर आय (EPS) ₹0.41 रही। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) ने इन नतीजों को मंजूरी दे दी है और ₹2 फेस वैल्यू वाले प्रति इक्विटी शेयर पर ₹1 का फाइनल डिविडेंड (final dividend) देने की सिफारिश की है। कंपनी को एस. आर. ब tleeboi व एसोसिएट्स एलएलपी जैसे प्रतिष्ठित ऑडिटर से अनमॉडिफाइड ऑडिट ओपिनियन (unmodified audit opinion) मिला है।
अधिग्रहण और मर्जर का असर
ये नतीजे कंपनी के हालिया अधिग्रहण (acquisition) और कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (corporate restructuring) के बीच आए हैं। NIIT ने हाल ही में iamneo Edutech Private Limited में 70% हिस्सेदारी खरीदी थी, जिसका मकसद प्रोडक्ट इंजीनियरिंग (product engineering), डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (digital transformation) और टैलेंट ऑग्मेंटेशन (talent augmentation) के क्षेत्र में अपनी पेशकश को मजबूत करना है। इसके अलावा, कंपनी एक मर्जर स्कीम (merger scheme) पर भी काम कर रही है, जो फिलहाल नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मंजूरी का इंतजार कर रही है।
आगे क्या? चुनौतियां और उम्मीदें
हालांकि, कंपनी की मुनाफा कमाने की क्षमता (profitability) रेवेन्यू के मुकाबले काफी कम दिख रही है। यह iamneo अधिग्रहण से जुड़े भारी इंटीग्रेशन कॉस्ट (integration costs) या चल रही मर्जर प्रक्रिया के खर्चों का संकेत हो सकता है। मर्जर स्कीम का पूरा होना NCLT की मंजूरी पर निर्भर करेगा, जिससे इसमें देरी या बदलाव का जोखिम बना हुआ है।
तुलना के लिए, Aptech Ltd ने FY23 में ₹230.07 करोड़ का रेवेन्यू और ₹41.87 करोड़ का PAT दर्ज किया था। NIIT का FY26 का रेवेन्यू ₹39.02 करोड़ भले ही कम हो, लेकिन इसका हालिया अधिग्रहण और मर्जर इसे Aptech जैसे साथियों से अलग स्थिति में रखते हैं, जो NIIT के खास स्ट्रेटेजिक पाथ (strategic path) को दर्शाता है।
निवेशकों की नजर इन पर रहेगी
निवेशक अब NCLT से मर्जर स्कीम पर आने वाले फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। iamneo Edutech के इंटीग्रेशन की प्रगति का आकलन करने के लिए भविष्य के तिमाही नतीजे (quarterly results) महत्वपूर्ण होंगे। मैनेजमेंट का मार्जिन (margins) और मुनाफे के ड्राइवरों (drivers of profitability) पर कमेंट्री भी अहम होगी। मर्जर और अधिग्रहण के बाद कंपनी की स्ट्रेटेजिक दिशा (strategic direction) और मार्केट पोजिशनिंग (market positioning) मुख्य आकर्षण रहेंगे। साथ ही, शेयरधारकों की मंजूरी और फाइनल डिविडेंड के भुगतान की समय-सीमा पर भी नजर रहेगी।
