Mphasis Tax Shock: ₹2,287 करोड़ का ज़बरदस्त झटका, कंपनी की मुश्किलें बढ़ीं!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Mphasis Tax Shock: ₹2,287 करोड़ का ज़बरदस्त झटका, कंपनी की मुश्किलें बढ़ीं!
Overview

Mphasis Limited को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से **₹2,286.86 करोड़** का बड़ा टैक्स नोटिस मिला है। यह नोटिस असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए है और ESOP खर्चों, बिना TDS के विदेशी भुगतान और GST टर्नओवर की विसंगतियों से जुड़ा है। कंपनी का मैनेजमेंट इसे अपील के जरिए सुलझाने को लेकर आश्वस्त है, लेकिन इतनी बड़ी रकम कंपनी के लिए अनिश्चितता पैदा कर रही है।

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टैक्स नोटिस का पूरा ब्यौरा

Mphasis Limited ने 25 मार्च 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए ₹2,286.86 करोड़ का असेसमेंट ऑर्डर और डिमांड नोटिस मिला है। यह भारी भरकम मांग कंपनी की टैक्सेबल इनकम में कुछ कथित बढ़ोत्तरी के कारण की गई है।

विवाद के मुख्य बिंदु

इस डिमांड के मुख्य मुद्दे एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOP) खर्चों का टैक्स ट्रीटमेंट, विदेशी सब-कॉन्ट्रैक्टर्स को किए गए भुगतान जिन पर TDS (Tax Deducted at Source) नहीं काटा गया, और गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) टर्नओवर में अंतर हैं।

इतनी बड़ी मांग क्यों मायने रखती है?

यह बड़ी टैक्स डिमांड, भले ही विवादित हो, कंपनी की वित्तीय स्थिति और लिक्विडिटी पर असर डाल सकती है। Mphasis के लिए, ESOP खर्चों का मामला पहले भी टैक्स जांच के दायरे में रहा है, जो एक चिंता का विषय बना हुआ है।

ESOP पर पहले भी हुई है टैक्स जांच

Mphasis को ESOP खर्चों के ट्रीटमेंट को लेकर पहले भी टैक्स डिमांड का सामना करना पड़ा है। FY16-17 में ₹393.1 करोड़ की डिमांड आई थी, और 2013 में भी इसी तरह के कारणों से ₹131.5 करोड़ का नोटिस जारी किया गया था। यह कंपनी के कर्मचारी कंपनसेशन के टैक्स नियमों की व्याख्या में एक बार-बार आने वाली समस्या को दर्शाता है।

Mphasis का जवाब और आगे के कदम

कंपनी इस असेसमेंट ऑर्डर को कई तरीकों से चुनौती देगी। वे ऑर्डर में संभावित गणना त्रुटियों को ठीक करने के लिए रेक्टिफिकेशन पिटीशन (rectification petition) दाखिल करेंगे। Mphasis आगे के कानूनी उपायों पर भी विचार कर रही है और वर्तमान असेसमेंट ऑर्डर के खिलाफ अपील करने की योजना बना रही है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि अपील प्रक्रिया के जरिए वे एक अनुकूल नतीजा हासिल कर लेंगे।

संभावित जोखिम

सबसे बड़ा जोखिम ₹2,286.86 करोड़ की यह भारी टैक्स डिमांड है, जिसे सफलतापूर्वक चुनौती न दिए जाने पर कंपनी को भारी वित्तीय भुगतान करना पड़ सकता है। ESOP खर्चों के ट्रीटमेंट और विदेशी भुगतानों पर TDS कंप्लायंस को लेकर विवाद, प्रमुख वित्तीय और ऑपरेशनल कंप्लायंस जोखिम पैदा करते हैं। कानूनी और अपील प्रक्रिया में स्वाभाविक अनिश्चितता और काफी समय लग सकता है।

इंडस्ट्री का परिदृश्य

Mphasis भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर में TCS, Infosys और Wipro जैसे बड़े प्लेयर्स के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। जहां ये कंपनियां भी जटिल टैक्स नियमों से गुजरती हैं, वहीं Mphasis जैसी कंपनियों के लिए AY 2023-24 के लिए इस तरह की बड़ी टैक्स डिमांड व्यक्तिगत घटनाएं हैं। ऐतिहासिक रूप से, IT सेक्टर को ESOP टैक्सेशन पर जांच का सामना करना पड़ा है, जिससे कई कंपनियों पर असर पड़ा है।

निवेशकों के लिए देखने योग्य बातें

निवेशक Mphasis द्वारा रेक्टिफिकेशन पिटीशन दाखिल करने पर नजर रखेंगे। असेसमेंट ऑर्डर के खिलाफ कंपनी की अपील की प्रगति और उसका नतीजा महत्वपूर्ण होगा। मैनेजमेंट की कॉन्फ्रेंस कॉल पर टैक्स विवाद के संभावित वित्तीय प्रभाव या समाधान की समय-सीमा पर कोई भी टिप्पणी महत्वपूर्ण साबित होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.