Mphasis Results: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! ₹16,205 Cr Revenue, ₹1,862 Cr Profit, ₹62 Dividend का ऐलान

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AuthorAditya Rao|Published at:
Mphasis Results: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! ₹16,205 Cr Revenue, ₹1,862 Cr Profit, ₹62 Dividend का ऐलान
Overview

Mphasis Ltd ने अपने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जो काफी मजबूत रहे हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **11.88%** बढ़कर **₹16,205.54 करोड़** और नेट प्रॉफिट **9.43%** बढ़कर **₹1,862.60 करोड़** दर्ज किया गया। इसके साथ ही, कंपनी ने **₹62** प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने का भी प्रस्ताव दिया है।

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चौथी तिमाही (Q4) में भी दिखी शानदार ग्रोथ

Mphasis ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4) में भी दमदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 15.40% की बढ़ोतरी के साथ ₹4,350.59 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹509.64 करोड़ दर्ज किया गया।

पूरे साल के नतीजे और डिविडेंड (Dividend)

पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों पर नजर डालें तो, Mphasis का रेवेन्यू 11.88% बढ़कर ₹16,205.54 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, नेट प्रॉफिट में 9.43% का इजाफा हुआ और यह ₹1,862.60 करोड़ रहा। कंपनी ने शेयरधारकों को अच्छी खबर देते हुए ₹62 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने का प्रस्ताव रखा है।

निवेशकों को इन बातों पर रखनी होगी नजर

हालांकि, नतीजों के बीच कुछ ऐसे पॉइंट भी हैं जिन पर निवेशकों को खास ध्यान देना होगा। कंपनी के बढ़े हुए कर्ज (Borrowings) और लेबर लॉ में बदलाव के चलते आए एक्सेप्शनल खर्च (Exceptional Expense) शामिल हैं।

अधिग्रहण और पुरानी चुनौतियाँ

Mphasis ने अपनी AI क्षमताओं को मजबूत करने के लिए अप्रैल 2026 में डिसीजन इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म प्रदाता Theory and Practice (TAP) का अधिग्रहण भी किया है। वहीं, कंपनी को कुछ पुराने कानूनी और टैक्स संबंधी मुद्दों का भी सामना करना पड़ा है। इनमें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा ₹2,286.86 करोड़ का टैक्स डिमांड नोटिस शामिल है, जिसे कंपनी चुनौती दे रही है। इसके अलावा, पहले GST पेनाल्टी और SEBI लिस्टिंग नियमों के उल्लंघन के लिए भी जुर्माना लग चुका है।

वित्तीय संकेत और जोखिम

वित्तीय मोर्चे पर, कंपनी का कुल इक्विटी पिछले साल के ₹96,283.96 मिलियन से बढ़कर ₹107,437.12 मिलियन हो गया है, जो कंपनी की नेट वर्थ में सुधार का संकेत देता है। लेकिन, करंट बोरिंग्स ₹11,159.43 मिलियन से बढ़कर ₹17,928.85 मिलियन हो गई हैं, जो आगे चलकर फाइनेंस कॉस्ट बढ़ा सकती है। लेबर लॉ में बदलावों से जुड़ा ₹354.77 मिलियन का एक्सेप्शनल खर्च भी करंट ईयर की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाल गया।

प्रतिस्पर्धी माहौल और भविष्य की रणनीति

Mphasis भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर में TCS, Infosys और LTIMindtree जैसे दिग्गजों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। इस सेक्टर में 11.88% का रेवेन्यू ग्रोथ एक अच्छा प्रदर्शन माना जा रहा है। आगे चलकर निवेशक मैनेजमेंट से FY27 के लिए डिमांड आउटलुक, मार्जिन ट्रेंड्स, कर्ज प्रबंधन और टैक्स व रेगुलेटरी मामलों के समाधान पर कमेंट्री की उम्मीद कर रहे हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.