कंपनी ने ऐलान किया है कि वे अपने 1 मौजूदा शेयर को 5 हिस्सों में बांटेंगे, जिससे शेयर की फेस वैल्यू ₹10 से घटकर ₹2 हो जाएगी। इस सब-डिवीजन के बाद, कंपनी का ₹15.46 करोड़ का मौजूदा इशूड, सब्सक्राइब्ड और पेड-अप कैपिटल 7,72,97,790 शेयर्स में बंट जाएगा।
शेयरधारकों से कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) में बदलाव के लिए भी वोट लिया जाएगा। इन संशोधनों का मकसद भविष्य में विस्तार (expansion) के लिए कंपनी की वित्तीय क्षमता (financial capacity) को बढ़ाना है, ताकि वह आसानी से ग्रांट्स (grants), लोन (loans) ले सके और गारंटी (guarantees) या क्रेडिट सपोर्ट (credit support) प्रदान कर सके।
इस प्रस्ताव पर वोटिंग रिमोट ई-वोटिंग (remote e-voting) के माध्यम से होगी, जिसकी कट-ऑफ डेट 27 मार्च, 2026 है। ई-वोटिंग की अवधि 1 अप्रैल से 30 अप्रैल, 2026 तक चलेगी।
इस 1:5 स्टॉक स्प्लिट का मुख्य उद्देश्य शेयर की लिक्विडिटी (liquidity) को बढ़ाना और इसे छोटे निवेशकों के लिए अधिक सुलभ बनाना है। कम कीमत वाले शेयर अक्सर ज़्यादा लोगों को आकर्षित करते हैं। MOA में बदलाव कंपनी को नए प्रोजेक्ट्स और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) के लिए फंड जुटाने में मदद करेगा।
Mobavenue AI Tech, जिसे पहले Lucent Industries Limited के नाम से जाना जाता था, AI- पावर्ड डिजिटल एडवरटाइजिंग (AI-powered digital advertising) और मार्केटिंग सेक्टर में काम करती है। हाल ही में, नवंबर 2025 में, कंपनी ने अपने रणनीतिक पहलों (strategic initiatives) के लिए लगभग ₹100 करोड़ जुटाने हेतु एक प्रेफरेंशियल इशू (preferential issue) को मंजूरी दी थी।
यह कॉर्पोरेट एक्शन (corporate action) इंडस्ट्री में एक आम ट्रेंड (trend) का हिस्सा है, जहां Silver Touch Technologies Ltd., Kellton Tech Solutions Limited, और Nuvama Wealth Management Ltd. जैसी कंपनियों ने भी शेयर को ज़्यादा सुलभ बनाने के लिए 1:5 जैसे स्टॉक स्प्लिट की घोषणा की है।
हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया की सफलता शेयरधारकों की मंज़ूरी पर निर्भर करती है। निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि स्टॉक स्प्लिट से कंपनी की मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (market capitalization) या इंट्रिन्सिक वैल्यू (intrinsic value) में अपने आप कोई वृद्धि नहीं होती है।
