चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे
चौथी तिमाही (Q4) की बात करें तो, कंसॉलिडेटेड इनकम सालाना आधार पर 13.26% बढ़कर ₹51.14 करोड़ रही, लेकिन इस तिमाही में कंपनी को ₹18.35 करोड़ का नेट लॉस हुआ। स्टैंडअलोन इनकम में भी 80.24% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई।
ऑपरेशनल मजबूती और बैलेंस शीट
खास बात यह है कि पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹16.68 करोड़ पॉजिटिव रहा, जो कंपनी की ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी को दर्शाता है। ऑडिटर्स ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर 'अनमॉडिफाइड ओपिनियन' (Unmodified Opinion) दिया है, जिसका मतलब है कि नेट लॉस के बावजूद प्रेजेंटेशन सही है। बैलेंस शीट पर भी कंपनी ने सुधार दिखाया है; फाइनेंशियल ईयर के दौरान स्टैंडअलोन लॉन्ग-टर्म बॉरोइंग्स (Long-term Borrowings) ₹12.60 करोड़ से घटकर ₹9.32 करोड़ हो गई।
बड़े अधिग्रहण और डिवीजनों की बिक्री
कंपनी अपनी रणनीतियों को लेकर काफी सक्रिय है। मार्च 2026 में, MIC Electronics ने ₹357.60 करोड़ में Neo Semi SG Pte. Ltd. में 89.65% हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दी थी। यह अधिग्रहण कंपनी के आक्रामक विस्तार (aggressive expansion) की ओर इशारा करता है। इसके साथ ही, बोर्ड ने अपने लाइटिंग व मेडिकल डिवीजनों को सब्सिडियरी MICK Digital India Limited को ₹8 करोड़ में स्लम सेल (slump sale) करने को भी हरी झंडी दे दी है।
शेयर इश्यू और प्रमोटर की हिस्सेदारी
बोर्ड ने 5.68 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर्स (equity shares) को प्रेफरेंशियल बेसिस पर इश्यू करने को भी मंजूरी दी है। इन सबके बीच, प्रमोटर एंटिटी RRK Enterprise Private Limited ने ओपन मार्केट ट्रांजेक्शन (open market transactions) के जरिए अपनी 2.07% हिस्सेदारी बेची है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
यह रणनीतिक कदम MIC Electronics को एक नया आकार देंगे और ग्रोथ के लिए पूंजी जुटाने में मदद कर सकते हैं। जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ मार्केट में बढ़ती पकड़ दिखाती है, और लॉन्ग-टर्म डेट में कमी वित्तीय सेहत के लिए एक अच्छा संकेत है। इस क्षेत्र की अन्य बड़ी कंपनियों जैसे Dixon Technologies (India) Ltd. ने FY25 में ₹948 करोड़ का रेवेन्यू और ₹98 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, वहीं Kaynes Technology India Ltd. भी मार्केट में मजबूत पकड़ रखती है। MIC Electronics का यह आक्रामक अधिग्रहण स्ट्रैटेजी उसे इन बड़ी कंपनियों से बेहतर प्रतिस्पर्धा करने में मदद कर सकती है।
भविष्य की राह
आने वाले समय में Neo Semi SG के अधिग्रहण का पूरा होना, प्रेफरेंशियल शेयर इश्यू से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल और रीस्ट्रक्चर किए गए डिवीजनों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा। निवेशकों को इन बड़े नॉन-कैश एडजस्टमेंट्स के बीच कंपनी की ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी पर नजर रखनी होगी। लगातार रेवेन्यू ग्रोथ और बेहतर नेट प्रॉफिटेबिलिटी अगले क्वार्टरों में ट्रैक करने के लिए मुख्य मेट्रिक्स होंगे।
