कैपिटल बढ़ाने और विस्तार की योजना
Lexora Global Ltd. ने हाल ही में बोर्ड मीटिंग में कई रणनीतिक फैसले लिए हैं, जिनका मकसद कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पैठ बढ़ाना है। सबसे अहम फैसलों में से एक है ₹50 करोड़ तक की राशि जुटाने के लिए राइट्स इश्यू (Rights Issue) लाना।
इसके साथ ही, कंपनी के ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल (Authorized Share Capital) को ₹10 करोड़ से बढ़ाकर ₹40 करोड़ करने को भी मंजूरी दी गई है। यह कदम भविष्य में बड़े निवेशों के लिए कंपनी को तैयार करेगा।
शेयरधारकों के लिए खास: 10:1 स्टॉक स्प्लिट
निवेशकों के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि Lexora Global 10:1 के अनुपात में स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) करने जा रही है। इसका मतलब है कि कंपनी के हर एक मौजूदा शेयर के बदले में 10 नए शेयर जारी किए जाएंगे। इस कदम से शेयरों की लिक्विडिटी (Liquidity) बढ़ेगी और ये ज्यादा छोटे निवेशकों के लिए सुलभ हो जाएंगे।
UAE में सब्सिडियरी, वैश्विक विस्तार का संकेत
कंपनी अब अपनी वैश्विक उपस्थिति का विस्तार करते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अपनी 100% मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी (Subsidiary) स्थापित करेगी। यह कदम नए बाजारों में प्रवेश करने और राजस्व के नए स्रोत खोजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
भविष्य की वित्तीय मजबूती
बोर्ड ने कंपनी की उधार लेने की क्षमता को भी ₹500 करोड़ तक बढ़ाने की मंजूरी दी है, जिससे भविष्य में जरूरत पड़ने पर कंपनी को वित्तीय लचीलापन मिलेगा।
ये सभी अहम फैसले शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेंगे, जिसके लिए 2 मई, 2026 को एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई गई है।
रीब्रांडिंग और पिछला प्रदर्शन
आपको बता दें कि Lexora Global पहले Yash Trading & Finance Ltd. के नाम से जानी जाती थी और कंपनी हाल ही में रीब्रांडिंग और पुनर्गठन की प्रक्रिया से गुजरी है। कंपनी खुद को 'कस्टम क्रिएटिव सिस्टम इंटेलिजेंस' (CSIs) के प्रदाता के रूप में स्थापित कर रही है।
हालांकि, अप्रैल 2026 की शुरुआत में कंपनी का मार्केट कैप (Market Cap) ₹134 करोड़ था, लेकिन पिछले तीन सालों में कंपनी की आय और नेट प्रॉफिट में गिरावट देखी गई है, साथ ही रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) भी कमजोर रहा है। शेयर में भी कमजोर प्राइस ट्रेंड (Price Trend) और 'ओवरवैल्यूड' (Overvalued) रेटिंग जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।
