शेयरधारकों ने ESOP पर लगाई मुहर!
Lenskart Solutions Limited के निवेशकों ने कंपनी के एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOPs) से जुड़े चार खास प्रस्तावों को भारी बहुमत से पास कर दिया है। यह वोटिंग पोस्टल बैलट के जरिए हुई, जिसमें शेयरधारकों ने 2021 और 2025 के ESOP प्लान में जरूरी संशोधनों को हरी झंडी दे दी है।
क्यों जरूरी था यह फैसला?
यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि Lenskart के शेयर नवंबर 2025 में NSE और BSE पर लिस्ट हुए थे। अब एक पब्लिक कंपनी के तौर पर, Lenskart को अपने ESOP स्ट्रक्चर को SEBI के लिस्टिंग नियमों के अनुरूप लाना था। इन संशोधनों से कंपनी ग्रुप के सभी योग्य कर्मचारियों को स्टॉक ऑप्शन दे सकेगी। इससे कर्मचारियों का मोटिवेशन बढ़ेगा और वे कंपनी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहेंगे।
वोटिंग के नतीजे क्या रहे?
20 मार्च 2026 को खत्म हुई पोस्टल बैलट में 81.6866% शेयरों ने हिस्सा लिया। शेयरधारकों का समर्थन काफी मजबूत रहा। रिजॉल्यूशन 1 और 3 को 95.1233% वोट मिले, जबकि रिजॉल्यूशन 2 और 4 को 93.5012% शेयरधारकों का समर्थन हासिल हुआ।
Lenskart और ESOP का इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब Lenskart ने कर्मचारियों को रिवॉर्ड करने के लिए ESOPs का इस्तेमाल किया है। कंपनी ने फरवरी 2020 में अपने ESOP पूल का विस्तार किया था और IPO से पहले जुलाई 2025 में 72.8 लाख ऑप्शन के साथ अपना ESOP 2025 प्लान पेश किया था। हालिया वोटिंग इसलिए जरूरी थी क्योंकि कंपनी पब्लिक हो गई थी और उसे SEBI की लिस्टिंग गाइडलाइंस का पालन करना था।
इस मंजूरी के मुख्य प्रभाव:
- पक्का ESOP ढांचा: 2021 और 2025 के ESOP प्लान में जरूरी सुधारों और उनकी पुष्टि को पक्का किया गया है।
- SEBI का अनुपालन: लिस्टेड कंपनियों के लिए SEBI के नियमों का पालन सुनिश्चित हुआ है।
- बेहतर कर्मचारी प्रोत्साहन: ज्यादा कर्मचारियों को स्टॉक ऑप्शन देने की सुविधा मिली है, जिससे मोटिवेशन और रिटेंशन बढ़ेगा।
- शेयर पूंजी पर असर: ऑप्शन एक्सरसाइज होने पर भविष्य में कंपनी की पेड-अप शेयर कैपिटल में बदलाव संभव है।
Lenskart के सामने अन्य चुनौतियां
ESOP अप्रूवल एक पॉजिटिव कदम है, लेकिन Lenskart को दूसरी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। कंपनी का Titan Company Limited के साथ मेटै टैग के इस्तेमाल को लेकर ट्रेडमार्क विवाद चल रहा है। इसके अलावा, कुछ फ्रेंचाइजी ने SEBI में आपराधिक कार्यवाही को दबाने और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। Lenskart पर कुल ₹194 करोड़ के कानूनी मुकदमे भी चल रहे हैं।
कॉम्पिटिशन और आगे क्या देखना है?
ऑर्गनाइज्ड आईवियर रिटेल में Lenskart का मुख्य लिस्टेड कॉम्पिटिटर Titan Eye Plus है, जो Titan Company Limited का ब्रांड है। Lenskart अपने टेक-ड्रिवन, इंटीग्रेटेड ओमनीचैनल मॉडल पर जोर देता है, जबकि Titan को अपनी पैरेंट कंपनी के बड़े पैमाने का फायदा मिलता है।
आगे चलकर, investors को Lenskart के भविष्य के ESOP ग्रांट्स, पोस्ट-IPO परफॉरमेंस, SEBI के नियमों का निरंतर अनुपालन और कर्मचारी रिटेंशन पर ESOP आवंटन के प्रभाव पर नजर रखनी चाहिए।