SEBI (Securities and Exchange Board of India) के इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए, L&T Technology Services (LTTS) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने अपने बोर्ड डायरेक्टर्स, प्रमुख कर्मचारियों और अन्य 'डेजिग्नेटेड इम्प्लॉइज' (Designated Employees) के लिए स्टॉक ट्रेडिंग विंडो को 1 अप्रैल, 2026 से अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
यह 'क्लोज्ड विंडो' (Closed Window) तब तक लागू रहेगी जब तक कंपनी 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की चौथी तिमाही (Q4 FY26) और पूरे साल के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा नहीं कर देती। नतीजों के ऐलान के 48 घंटे बाद ही यह विंडो फिर से खोली जाएगी।
LTTS के लिए यह प्रक्रिया नई नहीं है, बल्कि कंपनी नियमित रूप से नतीजों से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद करती आई है, जो नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसी तरह की प्रथा भारतीय आईटी सेक्टर की अन्य बड़ी कंपनियां भी अपनाती हैं, जैसे कि Infosys, जिसने सितंबर 2025 में अपने Q2 FY26 नतीजों के लिए अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद रखी थी।
एक अलग खबर में, L&T Technology Services ने अप्रैल 2023 में अमेरिका के न्याय विभाग के साथ $9.93 मिलियन का भुगतान करने पर सहमति जताई थी। यह मामला 2014 से 2019 के बीच वर्क वीजा के उल्लंघनों से जुड़ा था, जिसमें कंपनी पर कथित तौर पर अधिक महंगे H-1B वीजा के बजाय सस्ते B1 वीजा का इस्तेमाल करने का आरोप था। कंपनी ने उस समय कहा था कि यह राशि पहले ही पिछली तिमाहियों में प्रोविजन (Provision) की जा चुकी थी और इससे उसके फाइनेंशियल पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अब निवेशक कंपनी के मार्च 2026 के अंत तक के वित्तीय प्रदर्शन के नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ट्रेडिंग विंडो का फिर से खुलना इस अनुपालन अवधि के पूरा होने का संकेत देगा।
