Kellton Tech Solutions ने अपने कर्मचारियों को 49,70,830 स्टॉक ऑप्शन देने की मंजूरी दी है। इन ऑप्शन्स का एक्सरसाइज प्राइस ₹13.25 प्रति शेयर तय किया गया है।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को कंपनी के प्रदर्शन और शेयरधारकों के वैल्यू से जोड़ने के लिए प्रेरित करना है। यह IT सेक्टर में अपनी तरह की एक आम रणनीति है, जिससे कर्मचारियों में अपनेपन की भावना आती है और वे कंपनी के विकास में सक्रिय रूप से योगदान करते हैं।
हालांकि, जब कर्मचारी इन ऑप्शन्स का इस्तेमाल करेंगे, तो नए शेयर जारी होंगे, जिससे मौजूदा शेयरधारकों की इक्विटी में कमी (Equity Dilution) आ सकती है।
Kellton Tech Solutions, एक IT सर्विस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी, पहले भी एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOPs) का इस्तेमाल करती रही है। कंपनी ने फरवरी 2023 और जुलाई 2024 में ESOP Plan-2013 के तहत शेयर आवंटित किए थे। हाल ही में, फरवरी 2025 में, कंपनी की नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी ने ₹134.00 के काफी ऊंचे एक्सरसाइज प्राइस पर 5,94,166 ऑप्शन्स को मंजूरी दी थी। 2025 में कंपनी ने शेयर स्प्लिट (Share Split) भी पूरा किया था, जिसमें ₹5 फेस वैल्यू वाले शेयरों को ₹1 फेस वैल्यू वाले शेयरों में बदला गया था। वर्तमान ग्रांट का इतना कम एक्सरसाइज प्राइस ₹13.25, खासकर शेयर स्प्लिट के बाद, मौजूदा मार्केट वैल्यूएशन या कर्मचारी प्रोत्साहन के लिए एक रणनीतिक री-प्राइसिंग को दर्शाता है। कंपनी का ESOP फ्रेमवर्क SEBI के नियमों के तहत काम करता है।
कंपनी को इन ऑप्शन्स को देने और एक्सरसाइज करने के लिए SEBI रेगुलेशंस और कंपनीज़ एक्ट, 2013 का सख्ती से पालन करना होगा। कर्मचारियों को असली फायदा और शेयरधारकों के लिए डाइल्यूशन का स्तर भविष्य की मार्केट कंडीशंस और ₹13.25 के एक्सरसाइज प्राइस के मुकाबले शेयर के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
स्टॉक ऑप्शन भारत के IT सेक्टर में एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है। TCS, Infosys, Wipro और HCL Technologies जैसी बड़ी कंपनियां प्रतिभा को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए इसका इस्तेमाल करती हैं। Kellton Tech का यह ग्रांट, खासकर इसका कम एक्सरसाइज प्राइस, इस प्रतिस्पर्धी माहौल में एक खास पहलू है।
निवेशक कर्मचारियों द्वारा ऑप्शन एक्सरसाइज किए जाने की संख्या और समय पर नजर रखेंगे। ₹13.25 के एक्सरसाइज प्राइस की तुलना में कंपनी के शेयर की कीमत का प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण इंडिकेटर होगा। भविष्य के ESOP ग्रांट से होने वाले कुल इक्विटी डाइल्यूशन पर नज़र रखना भी ज़रूरी होगा।