प्रमोटरों की हिस्सेदारी अब पब्लिक की,
NSE और BSE से मंजूरी मिलने के बाद, KPIT Technologies अब 22,46,839 इक्विटी शेयरों को प्रमोटर कैटेगरी से हटाकर पब्लिक शेयरहोल्डर कैटेगरी में डाल देगी। यह कुल शेयर कैपिटल का 0.82% है। कंपनी ने 29 अप्रैल, 2026 को इस री-क्लासिफिकेशन के लिए आवेदन किया था, जिस पर 30 अप्रैल, 2026 को एक्सचेंज की ओर से मुहर लगी।
ट्रांसपेरेंसी और SEBI रेगुलेशन्स का पालन
यह कदम SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 (LODR) के तहत कॉर्पोरेट गवर्नेंस और ट्रांसपेरेंसी को बढ़ाने के लिए उठाया गया है। रेगुलेशन 31A के अनुसार, प्रमोटरों के लिए कुछ शर्तें होती हैं, जैसे री-क्लासिफिकेशन के बाद उनके कुल वोटिंग अधिकारों का 10% से अधिक न होना। KPIT Technologies में पहले प्रमोटरों की हिस्सेदारी लगभग 39.42% थी, और यह कदम उन नियमों का पालन सुनिश्चित करता है।
शेयर होल्डिंग में बदलाव का असर
इस री-क्लासिफिकेशन से कंपनी के डायरेक्ट प्रमोटर होल्डिंग परसेंटेज में कमी आएगी और ये शेयर अब पब्लिक शेयरहोल्डिंग का हिस्सा माने जाएंगे। इससे कंपनी की ओनरशिप स्ट्रक्चर में और ज्यादा ट्रांसपेरेंसी आएगी। कंपनी ने फाइलिंग में इस बदलाव से जुड़े किसी खास जोखिम का जिक्र नहीं किया है, और इसे SEBI के नियमों के अनुपालन के तौर पर देखा जा रहा है।
