'ट्रेडिंग विंडो' बंद करने का क्या है मतलब?
Jetking Infotrain Limited ने कहा है कि वे 1 अप्रैल 2026 से 'ट्रेडिंग विंडो' को बंद कर रहे हैं। यह कंपनी के अंदरूनी लोगों (Designated Persons) और उनके करीबियों पर लागू होगा। यह कदम SEBI के नियमों और कंपनी के 'कोड ऑफ कंडक्ट फॉर इनसाइडर्स' के तहत उठाया गया है।
कंपनी ने बताया कि यह 'ट्रेडिंग विंडो' बोर्ड मीटिंग में FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी मिलने के 48 घंटे बाद ही फिर से खोली जाएगी। बोर्ड मीटिंग की तारीख का ऐलान जल्द ही किया जाएगा।
क्यों उठाया गया यह कदम?
'ट्रेडिंग विंडो' बंद करने का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अंदरूनी व्यक्ति गैर-सार्वजनिक (non-public) जानकारी का फायदा उठाकर शेयर की खरीद-बिक्री न कर सके। यह कदम बाजार में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी है, जैसा कि SEBI (Securities and Exchange Board of India) द्वारा अनिवार्य है।
कंपनी की हालिया परफॉरमेंस
Jetking Infotrain, IT एजुकेशन और हार्डवेयर नेटवर्किंग ट्रेनिंग के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में ₹31.56 मिलियन का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जो पिछले साल के नेट लॉस से एक बड़ी रिकवरी थी।
हालांकि, हालिया तिमाही के नतीजे चिंता बढ़ाने वाले रहे। Q3 FY26 में कंपनी को ₹-2.61 करोड़ का नेट लॉस हुआ। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 15.40% घटकर ₹4.67 करोड़ रह गया।
अन्य अहम जानकारी
कंपनी के पास दिसंबर 2024 तक 21 Bitcoins भी हैं। इसके अलावा, कंपनी कानूनी मामलों, जैसे आर्बिट्रेशन केस और शेयर इश्यू से जुड़े मुद्दों का भी सामना कर रही है। कंपनी ने सितंबर 2025 में समाप्त तिमाही के लिए भी पहले 'ट्रेडिंग विंडो' बंद करने की घोषणा की थी।
निवेशकों के लिए क्या है खास
निवेशकों को अब बोर्ड मीटिंग की तारीख का इंतजार रहेगा, जिसमें FY26 के नतीजे फाइनल होंगे। SEBI के नियमों का उल्लंघन करने पर अंदरूनी लोगों पर भारी जुर्माना लग सकता है। नतीजों में किसी भी देरी से अनिश्चितता बढ़ सकती है। कंपनी की लगातार लाभप्रदता (profitability) की चुनौतियां निवेशकों के लिए एक बड़ा मुद्दा बनी हुई हैं।