Jaro Education FY26: IPO के बाद कर्ज मुक्त, रेवेन्यू में ग्रोथ पर मार्जिन पर दबाव
Finanical Year 2026 (FY26) के लिए Jaro Education ने अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹285 करोड़ का कुल रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 12.20% की ग्रोथ दिखाता है। वहीं, नेट प्रॉफिट ₹52.92 करोड़ रहा, जिसमें पिछले साल की तुलना में 2.42% की बढ़ोतरी हुई है। बेसिक EPS ₹24.97 दर्ज किया गया।
कंपनी के लिए एक बड़ी खबर यह है कि सितंबर 2025 में हुए अपने IPO के बाद, Jaro Education ने अपने कर्ज को लगभग खत्म कर दिया है। FY24-25 में जहां कंपनी पर ₹51 करोड़ से अधिक का कर्ज था, वहीं FY25-26 में यह घटकर महज़ ₹38 लाख रह गया है। इस कदम से कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत हुई है।
हालाँकि, चिंता का विषय ऑपरेशनल एक्सपेंसेस में हुई बढ़ोतरी है। पूरे साल में ये खर्च 16.79% बढ़ गए, जो रेवेन्यू ग्रोथ से ज़्यादा हैं। इससे कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है, अगर लागत प्रबंधन पर खास ध्यान नहीं दिया गया।
शेयरधारकों को रिटर्न देने के लिए, कंपनी ने कुल ₹5 प्रति शेयर का डिविडेंड देने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें ₹3 का फाइनल डिविडेंड और ₹2 का इंटरिम डिविडेंड शामिल है। कंपनी का इक्विटी बेस भी दोगुना से ज़्यादा होकर ₹171.55 करोड़ से ₹360.43 करोड़ पर पहुंच गया है, जिससे वित्तीय स्थिरता और मजबूत हुई है।
आगे चलकर, निवेशक कंपनी की लागत प्रबंधन की रणनीति पर नज़र रखेंगे ताकि मार्जिन को बेहतर बनाया जा सके और इस मजबूत बैलेंस शीट का इस्तेमाल भविष्य में ग्रोथ के लिए कैसे किया जाता है, यह भी देखा जाएगा।
कंपनी को लागत बढ़ने के साथ-साथ प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा, Jaro Education को पहले भी रेगुलेटरी मुद्दों का सामना करना पड़ा है, जिसमें अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए ₹50,000 का जुर्माना और एक ग्राहक को ₹1.46 लाख रिफंड करने का आदेश शामिल है, जो कंज्यूमर-फेसिंग रिस्क का संकेत दे सकते हैं।
Jaro Education कॉम्पिटिटिव एडटेक सेक्टर में काम करती है, जहाँ Great Learning, upGrad, और TimesPro जैसे प्लेयर्स भी ऑनलाइन प्रोफेशनल डेवलपमेंट मार्केट में सक्रिय हैं।
