SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क का मकसद बड़ी कंपनियों के लिए डेट मार्केट (Debt Market) तक पहुंच आसान बनाना है। आम तौर पर, इस कैटेगरी में आने के लिए कंपनियों के पास कम से कम ₹100 करोड़ की लॉन्ग-टर्म उधारी और 'AA' या उससे ऊपर की क्रेडिट रेटिंग होनी चाहिए। Ivalue Infosolutions की मौजूदा उधारी इस सीमा से काफी नीचे है।
ICRA से स्टेबल '[ICRA]A' की रेटिंग मिलने के बावजूद, Ivalue Infosolutions को अब फंड जुटाने के लिए दूसरे रास्ते तलाशने होंगे। यह स्थिति कंपनी की ग्रोथ प्लान्स को फंड करने या वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट में थोड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
बैंगलोर बेस्ड यह कंपनी एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर है, जो साइबर सिक्योरिटी, डेटा मैनेजमेंट और हाइब्रिड क्लाउड सॉल्यूशंस में माहिर है। Ivalue Infosolutions ने सितंबर 2025 में अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पूरा किया था। फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए, कंपनी ने ₹2,439.4 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था और 31 मार्च 2025 तक ₹162.6 करोड़ कैश और बैंक बैलेंस बनाए रखा था। कंपनी की लॉन्ग-टर्म क्रेडिट फैसिलिटीज को '[ICRA]A' (स्टेबल) और शॉर्ट-टर्म फैसिलिटीज को '[ICRA]A2+' रेट किया गया है।
