बोर्ड पर पड़ी इस्तीफे की मार
Innovision Ltd की बोर्ड मीटिंग के बाद जारी की गई एक घोषणा के अनुसार, सुश्री सुधा हुड्डा ने तत्काल प्रभाव से इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका यह निर्णय 6 अप्रैल, 2026 से लागू हो गया है। इसके साथ ही, उन्होंने कंपनी की ऑडिट कमेटी और नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी से भी अपना पद छोड़ दिया है।
इस्तीफे के पीछे क्या है वजह?
कंपनी ने बताया है कि सुश्री हुड्डा ने अपने इस्तीफे के लिए अन्य पेशेवर प्रतिबद्धताओं और व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। हालांकि, बोर्ड से एक महत्वपूर्ण इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का अचानक जाना, खासकर अहम कमेटियों से, कॉर्पोरेट गवर्नेंस के दृष्टिकोण से ध्यान आकर्षित करने वाला है। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स कंपनी के कामकाज पर निष्पक्ष निगरानी रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
आगे क्या होगा?
Innovision Ltd के बोर्ड में अब एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की कमी हो गई है। ऑडिट कमेटी और नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी दोनों को अपना काम जारी रखने के लिए नए सदस्यों की नियुक्ति करनी होगी ताकि कोरम (quorum) बना रहे और संचालन सुचारू रूप से चलता रहे। कंपनी अब जल्द ही इन खाली पदों को भरने के लिए योग्य उम्मीदवारों की तलाश शुरू करने की उम्मीद है। निवेशक कंपनी द्वारा बोर्ड की संरचना और भविष्य की योजनाओं पर किसी भी अपडेट का इंतजार करेंगे।
कंपनी और सेक्टर का संदर्भ
Innovision Ltd एक आईटी सर्विसेज और कंसल्टिंग फर्म है, जो BSE और NSE दोनों पर लिस्टेड है। कंपनी हमेशा से मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर जोर देती रही है। हाल ही में, फाइनेंशियल ईयर 2025 की चौथी तिमाही में, कंपनी ने बोर्ड की विशेषज्ञता को और बढ़ाने के लिए श्री रमेश शर्मा को एक नए नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया था। भारत के प्रतिस्पर्धी आईटी सर्विसेज सेक्टर में, जहाँ Infosys, Wipro, TCS जैसी बड़ी कंपनियां हैं, इस तरह के इस्तीफे सामान्य हो सकते हैं, लेकिन इनका प्रभाव कंपनी के गवर्नेंस इतिहास और हटने वाले डायरेक्टर की ज़िम्मेदारियों पर निर्भर करता है।
