लीडरशिप में मजबूती और संरचनात्मक बदलाव
Infosys लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 30 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए। Nitin Paranjpe को उनके विस्तृत अनुभव को देखते हुए वाइस चेयरमैन बनाया गया है। यह नियुक्ति कंपनी की लीडरशिप को और मजबूत करेगी।
इसके अलावा, बोर्ड ने Shreyas Shibulal और Bhairavi Madhusudhan Shibulal को प्रमोटर ग्रुप से पब्लिक ग्रुप में री-क्लासिफाई करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस बदलाव के लिए शेयरहोल्डर की मंजूरी और रेगुलेटरी क्लीयरेंस की आवश्यकता होगी।
शेयर कैपिटल में भी हुआ इजाफा
हालिया बोर्ड बैठक के दौरान, Infosys ने 35,384 इक्विटी शेयर्स (फेस वैल्यू ₹5 प्रति शेयर) का अलॉटमेंट भी किया। इस इश्यू के बाद कंपनी का कुल इश्यूड शेयर कैपिटल बढ़कर ₹20,27,82,93,815 हो गया है, जिसमें अब कुल 4,05,56,58,763 इक्विटी शेयर्स आउटस्टैंडिंग हैं।
बदलावों का महत्व
Nitin Paranjpe की वाइस चेयरमैन के तौर पर पदोन्नति Infosys की टॉप लीडरशिप के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। Infosys के COO और Hindustan Unilever के पूर्व CEO के तौर पर उनका अनुभव कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
Shreyas Shibulal और Bhairavi Madhusudhan Shibulal, जिनकी संयुक्त हिस्सेदारी Infosys के करीब 0.56% शेयर्स के बराबर है, के प्रमोटर से पब्लिक स्टेटस में री-क्लासिफिकेशन से उन्हें ज्यादा ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी और पर्सनल प्राइवेसी मिलेगी। यह कदम कंपनी के शेयरहोल्डर स्ट्रक्चर में एक महत्वपूर्ण गवर्नेंस एडजस्टमेंट को दर्शाता है।
आगे क्या देखना होगा?
इस री-क्लासिफिकेशन की सफलता शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पर निर्भर करेगी। साथ ही, इसे लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स और डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशन्स, खास तौर पर रेगुलेशन 31A का पालन करना होगा। निवेशकों को शेयरहोल्डर वोट के नतीजे और रेगुलेटरी अनुपालन पर नजर रखनी चाहिए।
