Infosys Shareholder Status Change: Infosys के प्रमोटर ग्रुप से पब्लिक हुए ये खास शेयरधारक, एक्सचेंज से मिली मंज़ूरी!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Infosys Shareholder Status Change: Infosys के प्रमोटर ग्रुप से पब्लिक हुए ये खास शेयरधारक, एक्सचेंज से मिली मंज़ूरी!
Overview

Infosys के निवेशकों के लिए एक अहम खबर आई है। कंपनी को भारत के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज BSE और NSE से **11 मई, 2026** को वह मंज़ूरी मिल गई है, जिसके तहत Shreyas Shibulal और Bhairavi Madhusudhan Shibulal का स्टेटस 'प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप' से बदलकर 'पब्लिक' कर दिया जाएगा।

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सेबी के रेगुलेशन 31A का पालन, शेयरधारकों की बदली पहचान

Infosys ने इस बड़े रेगुलेटरी कदम की घोषणा की है। कंपनी को शेयर बाजार के नियामक BSE और NSE से आवश्यक 'नो-ऑब्जेक्शन लेटर' प्राप्त हो गए हैं। इस मंज़ूरी के बाद, Shreyas Shibulal और Bhairavi Madhusudhan Shibulal अब कंपनी के 'प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप' की श्रेणी से निकलकर 'पब्लिक शेयरहोल्डर' की हैसियत में आ जाएंगे। यह बदलाव भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के रेगुलेशन 31A के तहत किया गया है, जो सूचीबद्ध कंपनियों में शेयरधारकों के स्टेटस में ऐसे बदलावों को नियंत्रित करता है।

गवर्नेंस में बदलाव का क्या है मतलब?

यह केवल एक वर्गीकरण का बदलाव नहीं है, बल्कि यह Infosys के कॉर्पोरेट गवर्नेंस स्ट्रक्चर में एक महत्वपूर्ण विकास को दर्शाता है। प्रमोटर स्टेटस से पब्लिक शेयरहोल्डर बनने का मतलब है कि अब इन व्यक्तियों के कंपनी के साथ संबंध सार्वजनिक निवेशक आधार के समान ही माने जाएंगे और उसी ढांचे के तहत रेगुलेट होंगे। यह Infosys की पारदर्शिता और कॉरपोरेट गवर्नेंस के प्रति प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है, जैसा कि SEBI की बढ़ती अपेक्षाएं हैं।

शिबुलाल परिवार का Infosys से गहरा नाता

शिबुलाल परिवार का नाम Infosys की यात्रा से गहराई से जुड़ा हुआ है। परिवार के एक प्रमुख सदस्य, S. D. Shibulal, ने 2011 से 2014 तक कंपनी के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर जैसे शीर्ष कार्यकारी पदों को संभाला था। उनके नेतृत्व में Infosys ने अपनी रणनीतिक दिशा तय की थी, जो इस परिवार के आईटी दिग्गज के साथ लंबे समय से चले आ रहे संबंध को दर्शाता है।

आगे क्या होगा?

इस बदलाव की अंतिम प्रक्रिया SEBI और स्टॉक एक्सचेंज के पास औपचारिक फाइलिंग के साथ पूरी होगी। Infosys की यह पहल, प्रतिस्पर्धी भारतीय आईटी सेवा क्षेत्र में नियामक अनुपालन के प्रति उसकी सक्रियता को दर्शाती है। Infosys के प्रतिस्पर्धी, जैसे Tata Consultancy Services (TCS), Wipro Ltd., और HCLTech भी जटिल प्रमोटर स्ट्रक्चर का प्रबंधन करते हैं, लेकिन Infosys का SEBI के रेगुलेशन 31A के तहत यह कदम, गवर्नेंस मानकों पर उसके फोकस को रेखांकित करता है। अब निवेशक यह देखेंगे कि कंपनी आगे भी सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए सभी डिस्क्लोजर नियमों का पालन कैसे करती है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.