Indegene Limited ने कॉरपोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) के तहत एक अहम कदम उठाया है। कंपनी ने ऐलान किया है कि वह 1 अप्रैल 2026 से अपने 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' (Designated Persons) और अंदरूनी कर्मचारियों के लिए ट्रेडिंग विंडो (Trading Window) बंद कर रही है।
यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि कंपनी अपने वित्तीय वर्ष 2025-2026 के अंतिम नतीजों को अंतिम रूप दे सके। इस 'ब्लैकआउट पीरियड' (Blackout Period) के दौरान, कंपनी के अंदरूनी लोग (insiders) कंपनी के शेयर खरीद या बेच नहीं पाएंगे। इसका सीधा मकसद किसी भी तरह की इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकना है, जिससे बाज़ार में पारदर्शिता बनी रहे।
यह ट्रेडिंग विंडो कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-2026 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Audited Financial Results) के आधिकारिक ऐलान के 48 घंटे बाद फिर से खुलेगी।
Indegene, जो लाइफ साइंस कमर्शियलाइजेशन (Life Science Commercialization) में विशेषज्ञता रखती है, पिछले साल मई 2024 में IPO के जरिए बाजार में आई थी और इस दौरान उसने ₹1,842 करोड़ जुटाए थे।
कंपनी पहले भी अपने तिमाही नतीजों (Quarterly Results) से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद करती रही है, जैसे Q1 FY25 और Q1 FY26 के लिए।
मार्च 2026 में, Indegene ने BSE को स्पष्ट किया था कि स्टॉक की कीमतों में उतार-चढ़ाव किसी भी अप्रत्याशित (undisclosed) मटेरियल इवेंट (material event) से जुड़ा नहीं है।
अब, निवेशक कंपनी के वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए घोषित किए गए ₹2946.5 करोड़ के रेवेन्यू (Revenue) और ₹406.7 करोड़ के नेट प्रॉफिट (Net Profit) के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। इन नतीजों के ऐलान के बाद ही शेयर बाज़ार में नई हलचल देखने को मिल सकती है।
Indegene हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी और लाइफ साइंस सर्विसेज सेक्टर में काम करती है।
