नतीजों का ब्योरा और डिविडेंड का ऐलान
Indegene Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 29 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष (FY2026) और तिमाही के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी। कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹401.10 करोड़ (₹4,011 मिलियन) का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो ₹3,510.50 करोड़ (₹35,105 मिलियन) के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पर आधारित है। वहीं, FY2026 की चौथी तिमाही (Q4) में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹79.70 करोड़ (₹797 मिलियन) रहा, जबकि रेवेन्यू ₹1,003.40 करोड़ (₹10,034 मिलियन) था। इसके अलावा, बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, FY2026 के लिए ₹2.25 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है।
कंपनी की स्थिति और जोखिम
Indegene, लाइफ साइंसेज (Life Sciences) के लिए एक डिजिटल-फर्स्ट कंपनी है, जिसने मई 2024 में IPO के जरिए लिस्ट होने के बाद से अच्छी ग्रोथ दिखाई है। कंपनी का यह प्रॉफिट उसके ऑपरेशनल परफॉरमेंस को दर्शाता है। हालांकि, कंपनी पर कुछ कानूनी और टैक्स संबंधी जोखिम भी बने हुए हैं।
कानूनी और टैक्स संबंधी मुद्दे
- US TCPA लॉसुइट: कंपनी ने अमेरिका में TCPA (टेलीफोन कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट) के कथित उल्लंघन के संबंध में एक क्लास एक्शन लॉसुइट के लिए ₹203 मिलियन का प्रोविजन (प्रावधान) किया है। यह राशि 31 मार्च 2024 तक के हिसाब से है और इसे वित्तीय नतीजों में शामिल किया गया है।
- ट्रांसफर प्राइसिंग मामला: भारत में ट्रांसफर प्राइसिंग (Transfer Pricing) से जुड़े एक ड्राफ्ट ऑर्डर में टैक्स अथॉरिटीज ने ₹1,114 मिलियन के एडजस्टमेंट का प्रस्ताव दिया है। कंपनी इस मामले को Mutual Agreement Procedure (MAP) के जरिए सुलझाने का प्रयास कर रही है। इस एडजस्टमेंट के लिए कोई प्रोविजन नहीं किया गया है, लेकिन इसे एक कंटिंजेंट लायबिलिटी (Contingent Liability) के तौर पर दिखाया गया है।
कॉम्पिटिटर्स और आगे क्या देखें
Indegene, IQVIA और Syneos Health जैसी ग्लोबल कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। निवेशक अब एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में डिविडेंड पर वोटिंग का इंतजार करेंगे। साथ ही, US TCPA लॉसुइट के नतीजे और भारत में ट्रांसफर प्राइसिंग विवाद का समाधान भी अहम होगा।
