नतीजों पर एक नज़र
कंपनी के Q4 FY26 के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। बिजली के रिकॉर्ड वॉल्यूम (Volumes) की बदौलत IEX का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 11% बढ़कर ₹130 करोड़ हो गया। इस दौरान कंपनी का कन्सॉलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) 12.5% बढ़कर ₹196.4 करोड़ रहा, जबकि बिजली ट्रेड वॉल्यूम में 24.3% की जोरदार उछाल के साथ यह 39.4 बिलियन यूनिट (BU) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें तो IEX का कुल रेवेन्यू 13.6% बढ़कर ₹747.0 करोड़ रहा। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 14.9% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹492.9 करोड़ पर पहुंच गया।
एनालिस्ट्स और आगे की राह
कंपनी ने अपनी 24 अप्रैल, 2026 को हुई Q4 FY26 अर्निंग्स कॉन्फ्रेंस कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जारी कर दी है। निवेशक इस रिकॉर्डिंग के जरिए मैनेजमेंट से कंपनी के प्रदर्शन, मुख्य बातों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से जान सकते हैं।
हालांकि, IEX के सामने कुछ बड़ी चुनौतियां भी हैं। SEBI ने अक्टूबर 2025 में इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले में 8 संस्थाओं पर ₹173.14 करोड़ का जुर्माना लगाया था। इससे आगे भी रेगुलेटरी जांच का दबाव बना रह सकता है।
इससे भी बड़ी चुनौती सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) द्वारा हाल ही में मंजूर किया गया मार्केट कपलिंग (Market Coupling) मैकेनिज्म है। इससे बाजार में कम्पटीशन बढ़ सकता है और IEX के मार्केट डोमिनेंस (Market Dominance) व रेवेन्यू मॉडल पर असर पड़ सकता है। IEX का मुख्य सीधा कम्पटीटर Power Exchange India Ltd (PXIL) है। BSE जैसे एक्सचेंज भी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं।
FY26 के मार्केट परफॉरमेंस की बात करें तो डे अहेड मार्केट (DAM) का एवरेज मार्केट क्लियरिंग प्राइस (MCP) ₹3.86 प्रति यूनिट रहा, जो पिछले साल से 13.7% कम है। इसी तरह, रियल-टाइम मार्केट (RTM) का MCP ₹3.59 प्रति यूनिट रहा, जो 16% गिरा।
आने वाले समय में निवेशक Q4 FY26 नतीजों की बारीकियाँ, SEBI की जांच के आगे के अपडेट्स, मार्केट कपलिंग के लिए IEX की रणनीति और FY27 के लिए बिजली व REC ट्रेडिंग वॉल्यूम के अनुमानों पर नजर रखेंगे।
