प्रस्तावित कदम क्या हैं?
IB Infotech Enterprises अपने शेयरधारकों से दो अहम फैसलों पर वोटिंग के ज़रिए सहमति मांगेगी। पहला, मिस्टर चिन्मय शुक्ला (Mr. Chinmay Shukla) को पांच साल के कार्यकाल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Independent Director) के तौर पर नियुक्त करना। दूसरा, कंपनी अपने इक्विटी शेयर्स को 1:10 के अनुपात में सब-डिवाइड करेगी। इसका मतलब है कि ₹10 फेस वैल्यू वाले हर शेयर को 10 टुकड़ों में बांटा जाएगा, जिससे हर शेयर की फेस वैल्यू घटकर ₹1 हो जाएगी। कंपनी अपने मेमोरेंडम (Memorandum) और आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Articles of Association) में भी ज़रूरी बदलाव करेगी ताकि वे नियमों और प्रस्तावित फैसलों के अनुरूप हो सकें।
वोटिंग की प्रक्रिया और समय-सीमा
शेयरधारक 7 अप्रैल 2026 से 6 मई 2026 तक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग (E-voting) के ज़रिए अपने वोट डाल सकते हैं। वोट डालने के लिए पात्रता कट-ऑफ डेट 3 अप्रैल 2026 थी। यह पूरी प्रक्रिया पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) के ज़रिए पूरी की जाएगी।
यह फैसले क्यों महत्वपूर्ण हैं?
मिस्टर शुक्ला की नियुक्ति से कंपनी के बोर्ड में नई सोच और मज़बूत निगरानी आने की उम्मीद है। वहीं, शेयर सब-डिवीजन का मुख्य उद्देश्य स्टॉक की लिक्विडिटी (Liquidity) बढ़ाना और इसे रिटेल निवेशकों (Retail Investors) के लिए ज़्यादा सुलभ बनाना है। कम फेस वैल्यू वाले शेयर आमतौर पर ज़्यादा ट्रेड होते हैं और ज्यादा निवेशक उन्हें खरीदने में दिलचस्पी दिखाते हैं। यह IT सेक्टर में एक आम रणनीति है।
क्या है कंपनी का पिछला रिकॉर्ड?
IB Infotech Enterprises, जिसे पहले इंडियन बेवरेजेस लिमिटेड (Indian Beverages Limited) के नाम से जाना जाता था, ने हाल के दिनों में कई कॉर्पोरेट एक्शन्स किए हैं। डायरेक्टर जैस्मिन पारेख (Jasmin Parekh) ने 11 मार्च 2026 को इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद, कंपनी के बोर्ड ने 31 मार्च 2026 को ही इस 1:10 शेयर सब-डिवीजन को मंजूरी दे दी थी, लेकिन यह शेयरधारकों और रेगुलेटरी अप्रूवल (Regulatory Approval) पर निर्भर था।
अगर प्रस्ताव मंज़ूर हुए तो क्या होगा?
अगर शेयरधारक इन प्रस्तावों को मंज़ूरी दे देते हैं, तो मिस्टर चिन्मय शुक्ला 28 अक्टूबर 2025 से शुरू होने वाले पांच साल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बन जाएंगे। कंपनी के इक्विटी शेयर्स का फेस वैल्यू ₹10 से घटकर ₹1 हो जाएगा। इसके अलावा, कंपनी के मेमोरेंडम और आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में भी ज़रूरी बदलाव लागू होंगे।
संभावित जोखिम और क्या ध्यान में रखना चाहिए?
इन कॉर्पोरेट एक्शन्स के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिलना सबसे अहम है। शेयर सब-डिवीजन से लिक्विडिटी और निवेशक की रुचि पर क्या असर पड़ेगा, यह तो समय के साथ ही पता चलेगा।
सेक्टर में यह कितना आम है?
IT सेक्टर की बड़ी कंपनियां जैसे TCS, Infosys और Wipro पहले भी अपने स्टॉक की लिक्विडिटी और पहुंच बढ़ाने के लिए शेयर स्प्लिट कर चुकी हैं। Allied Digital Services Ltd. जैसी छोटी IT फर्म्स भी इसी तरह के मार्केट में काम करती हैं, हालांकि उनके पैमाने और रणनीति अलग हो सकती है।
अन्य ज़रूरी जानकारी:
- कंपनी की ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल (Authorised Share Capital) ₹10,00,00,000 है।
आगे क्या होने वाला है?
शेयरधारकों को 6 मई 2026 के बाद दो वर्किंग डेज़ में पोस्टल बैलेट के नतीजों का इंतज़ार करना चाहिए। इसके अलावा, बोर्ड शेयर सब-डिवीजन के लिए रिकॉर्ड डेट (Record Date) की घोषणा भी करेगा, अगर यह मंज़ूर हो जाता है। मिस्टर शुक्ला की नियुक्ति और शेयर सब-डिवीजन वोटिंग के नतीजों पर बाज़ार की प्रतिक्रिया पर भी नज़र रखी जाएगी।
