Q1 में कैसा रहा प्रदर्शन?
कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट (Consolidated Profit) 7.5% की वृद्धि के साथ ₹3,516 मिलियन पर पहुंचा। हालांकि, EBIT मार्जिन (EBIT Margin) में पिछले साल की तुलना में 87 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है और यह 13.3% रहा। Hexaware ने अपनी हाई-वैल्यू क्लाइंट सेगमेंट में भी वृद्धि दर्ज की है, अब 34 ऐसे ग्राहक हैं जो प्रत्येक $10 मिलियन से अधिक का योगदान करते हैं, जबकि पहले यह संख्या 32 थी।
आगे क्या उम्मीदें?
Hexaware ने पूरे कैलेंडर वर्ष (CY26) के लिए 7.6% के रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) के अपने पूर्वानुमान को बनाए रखा है। साथ ही, EBIT मार्जिन के लिए 13.0% से 14.0% की गाइडेंस भी बरकरार रखी गई है। कंपनी को उम्मीद है कि साल की दूसरी छमाही में मार्जिन में सुधार दिखेगा।
AI और रणनीतिक कदम
कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर अपनी रणनीति को मजबूत कर रही है। AlOps प्लेटफॉर्म और आने वाले AI डे इवेंट के ज़रिए Hexaware नई तकनीकों का लाभ उठाना चाहती है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के इस दौर में यह महत्वपूर्ण है। हाल ही में, नवंबर 2025 में CyberSolve के अधिग्रहण से कंपनी की साइबर सुरक्षा और आइडेंटिटी मैनेजमेंट (Identity and Access Management) क्षमताओं में इजाफा हुआ है। इससे पहले SMC Squared और Softcrylic का अधिग्रहण भी पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए किया गया था।
जोखिम और चुनौतियां
बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मार्जिन पर निरंतर दबाव कंपनी के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। इसके अतिरिक्त, Hexaware अमेरिका में $500 मिलियन के एक बड़े पेटेंट उल्लंघन मामले का सामना कर रही है। नियामक मोर्चे पर, कंपनी पर RBI द्वारा विलंबित फाइलिंग के लिए ₹11.64 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना
IT सेक्टर में Hexaware का मुकाबला TCS, Infosys, Wipro और HCLTech जैसी बड़ी कंपनियों से है। ये सभी प्रतिद्वंद्वी भी AI, क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में भारी निवेश कर रहे हैं। Hexaware अपनी AI-केंद्रित रणनीति और लक्षित अधिग्रहणों के ज़रिए बाजार में अपनी जगह बनाने का प्रयास कर रही है।
