AI को प्रोडक्शन में लाने की दौड़
इस साझेदारी के ज़रिए, Happiest Minds और UnifyApps मिलकर कंपनियों को AI-नेटिव (AI-native) बनाने में मदद करेंगे। Happiest Minds, जिसकी सालाना रेवेन्यू $260 मिलियन से ज़्यादा है, अपनी जनरेटिव AI विशेषज्ञता और UnifyApps के AI ऑपरेटिंग सिस्टम आर्किटेक्चर को मिलाएगा। इसका लक्ष्य AI पहलों को सिर्फ पायलट चरण से आगे ले जाकर स्केलेबल और प्रोडक्शन-रेडी सॉल्यूशंस में बदलना है।
AI ट्रांसफॉर्मेशन का पूरा रोडमैप
यह पार्टनरशिप कंपनियों को नॉलेज, एक्शनैबिलिटी और गवर्नेंस को एक AI OS के ज़रिए एकीकृत (unify) करके सशक्त बनाने पर ज़ोर देगी। इससे GenAI प्रोजेक्ट्स को शुरुआती टेस्टिंग से लेकर व्यापक और सुरक्षित डिप्लॉयमेंट तक ले जाना आसान होगा। ग्राहकों को AI ट्रांसफॉर्मेशन के लिए पूरी सेवा मिलेगी, जिसमें स्ट्रेटेजी से लेकर मैनेज्ड सर्विसेज़ तक शामिल हैं, ताकि वे जल्दी और सुरक्षित तरीके से AI को ऑपरेशनलाइज कर सकें और एक स्पष्ट ROI (Return on Investment) हासिल कर सकें।
AI में Happiest Minds की बढ़त
Happiest Minds ने जनवरी 2026 में अपनी 'AI First. Agile Always.' स्ट्रेटेजी लॉन्च की थी और अब तक 32 जनरेटिव AI यूज़ केस (use cases) विकसित कर चुकी है। कंपनी AI-संचालित डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में लीडर बनना चाहती है।
कंपीटीशन में कौन आगे?
इस सेक्टर में कॉम्पिटिशन कड़ा है। Infosys, Wipro और LTIMindtree जैसी बड़ी IT कंपनियां भी AI में भारी निवेश कर रही हैं। Wipro ने AI के लिए $1 बिलियन का कमिटमेंट किया है, वहीं LTIMindtree AI-लेड ग्रोथ स्ट्रेटेजी पर फोकस कर रही है।
कंपनी की ताज़ा जानकारी
Happiest Minds टेक्नोलॉजीज़ के पास फरवरी 2026 तक $260 मिलियन से ज़्यादा का सालाना रेवेन्यू था। कंपनी के 6,500 से ज़्यादा कर्मचारी 43 ग्लोबल ऑफिसों में काम करते हैं और यह 290 से ज़्यादा ग्राहकों को सेवा देती है, जिनमें 85 से ज़्यादा Fortune 500 कॉर्पोरेशन्स शामिल हैं।