GTPL Hathway ने अपने FY26 के ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 7% का शानदार इजाफा हुआ है, जो बढ़कर ₹37,466 मिलियन तक पहुंच गया। वहीं, चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी रेवेन्यू 4% बढ़कर ₹9,344 मिलियन दर्ज किया गया।
इस बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए, कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹2 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है।
ऑपरेशनल फ्रंट पर भी कंपनी ने मजबूत पकड़ दिखाई है। FY26 के लिए EBITDA ₹4,321 मिलियन रहा, जिसमें 11.5% का मार्जिन हासिल हुआ। 31 मार्च 2026 तक, GTPL Hathway के पास 9.40 मिलियन एक्टिव केबल टीवी सब्सक्राइबर और 1,060,000 ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर थे।
कंपनी के लिए एक बड़ा डेवलपमेंट 'GTPL Infinity' नाम के नए HITS (Headend-In-The-Sky) प्लेटफॉर्म का लॉन्च है। यह प्लेटफॉर्म देश भर में सेवाओं को पहुंचाने और अपनी पहुंच का विस्तार करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस पहल में ₹100 करोड़ का निवेश किया गया है और इसका लक्ष्य 800 चैनल तक उपलब्ध कराना है।
GTPL Hathway सिर्फ यहीं नहीं रुक रही, बल्कि OTT, गेमिंग और 'TV Everywhere' जैसी नई सेवाओं को भी जोड़ रही है। इसका मकसद कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना, सब्सक्राइबर रिटेंशन बढ़ाना और बदलते मीडिया बाजार में नए रेवेन्यू के अवसर खोजना है।
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ रेगुलेटरी चुनौतियां भी हैं। GTPL Hathway इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) दावों से जुड़े ₹11.13 करोड़ के GST डिमांड और ₹2.06 करोड़ के कस्टम विभाग के जुर्माने जैसे मामलों को कोर्ट में चुनौती दे रही है। इसके अलावा, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) की ओर से ₹9,754 करोड़ से अधिक के लाइसेंस शुल्क की मांग, जिसमें सहायक कंपनी GTPL Broadband के लिए ₹357 करोड़ शामिल हैं, एक बड़ा जोखिम बनी हुई है। कंपनी इन मांगों के खिलाफ अपील करने की योजना बना रही है।