FY2026 के नतीजे: कंपनी का प्रदर्शन
GTPL Hathway ने FY2026 के लिए ₹2,472.46 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू रिपोर्ट किया है। पूरे वित्तीय वर्ष के लिए कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹12.35 करोड़ रहा। स्टैंडअलोन बेस पर, कंपनी ने ₹2,450.78 करोड़ का रेवेन्यू और ₹5.88 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया।
शेयरधारकों को ₹2 का डिविडेंड, पर DoT का बड़ा खतरा
बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी पर ₹2.00 प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड देने की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों को सीधा रिटर्न देगा। लेकिन, कंपनी की वित्तीय सेहत पर सबसे बड़ा खतरा टेलीकॉम विभाग (DoT) के साथ लाइसेंस फीस को लेकर चल रहा मुकदमा है। इस कानूनी लड़ाई का नतीजा कंपनी के वित्तीय स्थिति और भविष्य के निवेशों पर गहरा असर डाल सकता है।
DoT की मांग: कितनी बड़ी है चुनौती?
DoT की ओर से कुल मांग ₹1,341.14 करोड़ (Parent और Subsidiary दोनों को मिलाकर) है। कंपनी का मानना है कि यह मांग बेबुनियाद है और वह इसका पुरजोर विरोध कर रही है। हालांकि, अगर कोर्ट का फैसला कंपनी के खिलाफ आता है, तो उसे भारी वित्तीय देनदारी का सामना करना पड़ सकता है। गौर करने वाली बात यह है कि FY24 में कंपनी का PAT ₹123.5 करोड़ था, जो FY26 में घटकर सिर्फ ₹12.35 करोड़ रह गया है।
अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स
कंपनी ने श्री राजेंद्र द्वारकादास हिंगवाला को 13 जुलाई, 2026 से शुरू होने वाले तीन साल के दूसरे कार्यकाल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्त किया है, जिससे बोर्ड की निगरानी जारी रहेगी।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को आने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में प्रस्तावित ₹2.00 प्रति शेयर डिविडेंड पर शेयरधारकों के वोटिंग नतीजों पर नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, DoT के साथ लाइसेंस फीस की मांग को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में आगे क्या होता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, प्रबंधन की ओर से DoT मुकदमे का सामना करने और मुनाफा बढ़ाने की रणनीतियों पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।
