SEBI के नियमों से कंपनी को मिली बड़ी राहत!
G-Tech Info-Training Limited ने BSE को दिए एक बयान में स्पष्ट किया है कि वह SEBI द्वारा परिभाषित 'लार्ज कॉर्पोरेट' की श्रेणी में नहीं आता है। इस घोषणा का सीधा मतलब है कि कंपनी को बड़े निगमों के लिए लागू होने वाले सख्त बरोइंग (Borrowing) और डिस्क्लोजर (Disclosure) नियमों का पालन नहीं करना पड़ेगा।
कंपनी की तरफ से आई ऑफिशियल जानकारी
कंपनी ने SEBI के नवंबर 2018, अगस्त 2021 और अक्टूबर 2023 के सर्कुलर (Circular) का हवाला देते हुए BSE को यह जानकारी दी है। G-Tech Info-Training ने पुष्टि की है कि वह नवीनतम, यानी 19 अक्टूबर, 2023 के सर्कुलर में बताए गए मापदंडों को पूरा नहीं करता है।
'लार्ज कॉर्पोरेट' बनने के मायने
SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' के दायरे में आने वाली कंपनियों को कई कड़े नियमों का पालन करना होता है, खासकर फंड जुटाने (Fundraising) और कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) के मामले में। कंपनी के इस दायरे से बाहर रहने का मतलब है कि वह इन अतिरिक्त अनुपालन और रिपोर्टिंग की बाध्यताओं से मुक्त रहेगी, जिससे उसे अपनी फाइनेंसिंग स्ट्रेटेजी (Financing Strategy) में अधिक लचीलापन मिलेगा।
SEBI का यह फ्रेमवर्क क्या है?
SEBI ने 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क की शुरुआत कॉर्पोरेट डेट मार्केट (Corporate Debt Market) को मजबूत करने और लिस्टेड कंपनियों को फंड जुटाने के विभिन्न स्रोत तलाशने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की थी। पहले यह नियम उन लिस्टेड कंपनियों के लिए था जिनका लॉन्ग-टर्म बरोइंग ₹100 करोड़ या उससे अधिक था और क्रेडिट रेटिंग 'AA' या उससे ऊपर थी। लेकिन, अक्टूबर 2023 के एक अपडेटेड सर्कुलर में यह थ्रेशोल्ड (Threshold) बढ़ाकर ₹1000 करोड़ कर दिया गया, साथ ही 'AA' रेटिंग की शर्त बरकरार रखी गई।
G-Tech Info-Training की वर्तमान स्थिति
बाजार में ₹4 करोड़ के छोटे मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) के साथ, G-Tech Info-Training स्पष्ट रूप से SEBI द्वारा 'लार्ज कॉर्पोरेट' के लिए निर्धारित ₹1000 करोड़ के बड़े लोन के बेंचमार्क से काफी नीचे है। इस वजह से, कंपनी को अभी 'लार्ज कॉर्पोरेट' के लिए लागू होने वाले सख्त नियम, जैसे कि डेट सिक्योरिटीज (Debt Securities) के जरिए फंड जुटाना, का पालन करने का तत्काल दबाव नहीं है।
