Expleo Solutions Limited ने असेसमेंट ईयर 2012-13 से जुड़ा अपना ₹49.60 लाख का टैक्स डिस्प्यूट Vivad Se Vishwas स्कीम के तहत फाइनल कर लिया है। कंपनी को प्रिंसिपल कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स, चेन्नई से इस बाबत एक ऑफिशियल ऑर्डर मिला है, जिसके तहत ₹49,59,847 की विवादित टैक्स राशि के लिए उन्हें immunity मिली है।
यह लीगेसी डिस्प्यूट (legacy dispute) Vivad Se Vishwas Scheme के ज़रिए निपटाया गया, जो सरकार की एक पहल थी। इस स्कीम का उद्देश्य पुराने टैक्स विवादों को कम करना और टैक्सपेयर्स को राहत देना था। इस सेटलमेंट के तहत Expleo Solutions ने NIL यानि शून्य रुपये का भुगतान किया है। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि इस मामले के समाधान से उसके फाइनेंसियल और ऑपरेशंस पर कोई खास मटेरियल इम्पैक्ट (material impact) नहीं पड़ेगा।
पुरानी देनदारियों और लिटिगेशन (litigation) को निपटाना कंपनी के लिए एक पॉजिटिव कदम है, जो बैलेंस शीट को साफ रखने में मदद करता है। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि Expleo Solutions का अतीत में भी कुछ बड़े टैक्स डिमांड्स से सामना हुआ है। इनमें AY 2016-17 के लिए ₹2.17 करोड़ और AY 2021-22 के लिए ₹25.37 करोड़ की मांग शामिल थी।
Expleo Solutions भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर में Operates करती है, जो Tata Consultancy Services (TCS), Infosys जैसे बड़े प्लेयर्स का घर है। जहां TCS जैसी कंपनियां ₹2.48 ट्रिलियन के सालाना रेवेन्यू के साथ काम करती हैं, वहीं Expleo का FY23 रेवेन्यू ₹903 करोड़ था। Expleo मुख्य रूप से BFSI और एयरोस्पेस जैसे सेक्टर्स के लिए सॉफ्टवेयर वैलिडेशन और कंसल्टिंग पर फोकस करती है।
