अहम फैसले पर शेयरहोल्डर्स की मुहर
Excelsoft Technologies ने अपने शेयरहोल्डर्स से दो अहम फैसलों के लिए वोटिंग कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी ने 29 अप्रैल 2026 को जारी एक नोटिस में यह जानकारी दी है।
शेयरहोल्डर्स का वोट डॉ. जयकुमार करुपुसामी को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने के प्रस्ताव पर लिया जाएगा। उन्हें पांच साल के कार्यकाल के लिए बोर्ड में शामिल करने का प्रस्ताव है, जिससे कंपनी के बोर्ड की निगरानी और स्ट्रेटेजिक दिशा को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही, टॉप मैनेजमेंट की सैलरी बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी शेयरहोल्डर्स की सहमति ली जाएगी। इस प्रस्ताव के अनुसार, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री धनंजय सुधनवा के लिए सालाना ₹4.80 करोड़ तक की सैलरी कैप का प्रस्ताव है। वहीं, होल टाइम डायरेक्टर श्रीमती श्रुति सुधनवा के लिए यह सीमा सालाना ₹1.50 करोड़ रखी गई है। चीफ इनोवेशन ऑफिसर श्री आधारश सुधिनधिरथीरता मैसूर के लिए सालाना ₹0.75 करोड़ से ₹1.50 करोड़ तक का सैलरी रेंज प्रस्तावित है।
इन प्रस्तावों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग की अवधि 30 अप्रैल 2026 से 29 मई 2026 तक होगी। जिन शेयरहोल्डर्स के नाम 24 अप्रैल 2026 तक कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज होंगे, वे मतदान के पात्र होंगे।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति बहुत महत्वपूर्ण होती है। पूर्व IAS अधिकारी डॉ. करुपुसामी अपने साथ व्यापक प्रशासनिक और स्ट्रेटेजिक अनुभव लाएंगे। एग्जीक्यूटिव्स की सैलरी में ये बदलाव उनके रोल, जिम्मेदारियों और बाजार दरों को दर्शाते हैं।
Excelsoft Technologies लर्निंग और असेसमेंट के लिए एक ग्लोबल सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) प्रोवाइडर है। कंपनी 17 सितंबर 2024 को पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनी और इसका IPO नवंबर 2025 में आया था। कंपनी की एक नॉमिनेशन और रेमुनरेशन पॉलिसी भी है, जो फरवरी 2025 में अपडेट की गई थी।
अगर शेयरहोल्डर्स इन प्रस्तावों को मंजूरी देते हैं, तो बोर्ड में डॉ. जयकुमार करुपुसामी एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में शामिल होंगे, जिससे बोर्ड की संरचना मजबूत होगी। साथ ही, प्रमुख एग्जीक्यूटिव्स के लिए प्रस्तावित सैलरी कैप लागू हो जाएंगे। इन समायोजनों का मकसद मैनेजमेंट को कंपनी के स्ट्रेटेजिक लक्ष्यों और गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स से जोड़ना है।
हालांकि, Excelsoft कुछ बिजनेस रिस्क का भी सामना कर रही है, जैसे कि कुछ बड़े क्लाइंट्स पर रेवेन्यू की निर्भरता और इंडस्ट्री की तुलना में रिटर्न ऑन इक्विटी का कम होना। कंपनी IT सर्विसेज और EdTech सेक्टर में एम.पी.एस. लिमिटेड, के.सोल्व्स इंडिया लिमिटेड जैसी कंपनियों से मुकाबला करती है।
