क्विक कॉमर्स और 1P मॉडल का कमाल
Eternal Limited, जो पहले Zomato के नाम से जानी जाती थी, के Q4 FY26 नतीजों में क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) का बोलबाला रहा। कंपनी ने 1P मॉडल (जहां रेवेन्यू में माल की पूरी वैल्यू शामिल होती है) को सफलतापूर्वक अपनाया, जिससे रेवेन्यू में शानदार उछाल आया। कुल मिलाकर, कन्सॉलिडेटेड नेट ऑर्डर वैल्यू (B2C) 54% बढ़कर ₹26,880 करोड़ पर पहुंच गई।
सेग्मेंट्स में जोरदार ग्रोथ
इस रणनीति के तहत, क्विक कॉमर्स सेगमेंट की नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) में 95% की भारी बढ़ोतरी हुई और यह ₹14,386 करोड़ दर्ज की गई। फ़ूड डिलीवरी (Food Delivery) सेगमेंट ने भी 19% की ग्रोथ दिखाते हुए ₹9,757 करोड़ का NOV हासिल किया, जबकि गोइंग-आउट (Going-out) सेगमेंट 47% बढ़कर ₹2,736 करोड़ रहा।
मजबूत कैश पोजीशन और भविष्य की योजनाएं
कंपनी का ₹429 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA और ₹17,680 करोड़ का एडजस्टेड रेवेन्यू, उसकी मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस का प्रमाण है। ₹17,972 करोड़ के सॉलिड कैश बैलेंस के साथ, Eternal Limited 2025 तक 1,000 शहरों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। कंपनी को उम्मीद है कि क्विक कॉमर्स में 1P मॉडल के सफल इंटीग्रेशन से रेवेन्यू में लगातार मोमेंटम बना रहेगा।
GST नोटिस और कॉम्पिटिशन पर नजर
हालांकि, कंपनी के लिए एक चिंता का विषय गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) से जुड़े मामले हैं। डिलीवरी चार्ज पर GST को लेकर प्राधिकरणों से मिले शो कॉज नोटिस पर कंपनी अपनी अपील जारी रखे हुए है। पूर्व में Zomato को ₹803.4 करोड़ का डिमांड नोटिस मिला था।
मार्केट की बात करें तो, Eternal Ltd फ़ूड डिलीवरी स्पेस में 60% से अधिक की हिस्सेदारी के साथ एक मजबूत दावेदार है। इसका मुख्य मुकाबला Swiggy से है, जो लगभग 40% मार्केट शेयर रखती है।
निवेशकों के लिए अहम बिंदु
अब निवेशक इस पर नजर रखेंगे कि Eternal Ltd अपने $20 बिलियन के सालाना नेट ऑर्डर वैल्यू के लक्ष्य को कितनी तेजी से पूरा करती है और FY29 तक $1 बिलियन का एडजस्टेड EBITDA हासिल करने की दिशा में कैसे बढ़ती है।
