Eternal Limited की Nomination and Remuneration Committee ने 1 अप्रैल 2026 को कर्मचारियों के लिए 7,418,741 स्टॉक ऑप्शन्स को मंजूरी दी है। ये ऑप्शन्स कंपनी की ESOP 2014, ESOP 2021 और ESOP 2024 योजनाओं के तहत जारी किए गए हैं, जो कुल 7,673,303 इक्विटी शेयर्स को कवर कर सकते हैं। हर एक ऑप्शन को ₹1 फेस वैल्यू वाले एक इक्विटी शेयर में बदला जा सकता है, जिसकी एक्सरसाइज प्राइस नाममात्र ₹1 रखी गई है।
कर्मचारियों को जोड़ने की पहल
इस बड़े स्टॉक ऑप्शन ग्रांट का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को मोटिवेट करना, उनमें कंपनी के प्रति ओनरशिप की भावना जगाना और Eternal Limited में उनकी रिटेंशन (retention) को बेहतर बनाना है। यह कदम कर्मचारियों के हितों को कंपनी के लॉन्ग-टर्म परफॉरमेंस और ग्रोथ के लक्ष्यों से जोड़ने में मदद करेगा।
शेयरधारकों के लिए चिंता का विषय
मौजूदा शेयरधारकों के नजरिए से, जब इन ऑप्शन्स को एक्सरसाइज किया जाएगा, तो कंपनी नए इक्विटी शेयर्स जारी करेगी। इससे उनके मालिकाना हक (ownership stake) और प्रति शेयर आय (EPS) में डाइल्यूशन (dilution) का खतरा बढ़ जाता है। इस डाइल्यूशन की सीमा इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने ऑप्शन्स और कब एक्सरसाइज किए जाते हैं।
कंपनी का बैकग्राउंड और मार्केट में पोजीशन
Eternal Limited, जो 2025 की शुरुआत में Zomato Limited के नाम से जानी जाती थी, एक विशाल डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म का संचालन करती है। कंपनी अक्सर ESOPs का इस्तेमाल कर्मचारियों को रिवॉर्ड देने और रिटेन करने के लिए करती आई है, और पिछले सालों में भी ₹1 जैसी मामूली एक्सरसाइज प्राइस पर बड़े ग्रांट्स जारी किए गए हैं। फाइनेंशियल ईयर 25 में कंपनी ने अपनी फूड डिलीवरी सेगमेंट में ग्रोथ और क्विक कॉमर्स में कम हुए नुकसान के दम पर पहली बार पूरे साल का प्रॉफिट दर्ज किया। हालांकि, क्विक कॉमर्स मार्केट बेहद कॉम्पिटिटिव बना हुआ है, और कंपनी के हाई वैल्यूएशन को बनाए रखने के लिए लगातार मजबूत परफॉरमेंस की जरूरत होगी।
भविष्य में ध्यान देने योग्य बातें
- शेयर डाइल्यूशन: बड़ी संख्या में ऑप्शन एक्सरसाइज होने पर शेयरधारकों की ओनरशिप और EPS पर असर पड़ सकता है।
- कर्मचारी रिटेंशन: ESOPs की सफलता कंपनी के भविष्य के परफॉरमेंस और स्टॉक की कीमतों पर निर्भर करेगी।
- वैल्यूएशन का दबाव: कंपनी का मौजूदा हाई मार्केट वैल्यूएशन यह दर्शाता है कि किसी भी एग्जीक्यूशन में गलती से स्टॉक प्राइस में गिरावट आ सकती है।
इंडस्ट्री के दूसरे बड़े नाम
Eternal Ltd की तरह, Infosys और TCS जैसी टेक कंपनियां भी कर्मचारियों को रिटेन करने के लिए स्टॉक ऑप्शन्स का इस्तेमाल करती हैं। फूड डिलीवरी स्पेस में Swiggy जैसे कॉम्पिटिटर्स भी अक्सर ESOPs का प्रयोग करते हैं। QSR और डिलीवरी मार्केट में Jubilant FoodWorks और Devyani International जैसे प्लेयर्स भी एक चुनौतीपूर्ण माहौल में काम करते हैं, जहाँ की-पर्सनल (key personnel) को बनाए रखना बहुत जरूरी है।
आगे क्या देखना है?
इन्वेस्टर्स और एनालिस्ट्स इन स्टॉक ऑप्शन्स की वेस्टिंग शेड्यूल (vesting schedules) और वास्तविक एक्सरसाइज पर बारीकी से नजर रखेंगे। कुल आउटस्टैंडिंग शेयर्स की संख्या और भविष्य की फाइलिंग्स में EPS पर पड़ने वाले संभावित असर की निगरानी महत्वपूर्ण होगी। कंपनी के मैनेजमेंट से ESOPs के स्ट्रेटेजिक वैल्यू और उनके परफॉरमेंस पर अपेक्षित प्रभाव पर कमेंट्री का इंतजार रहेगा, जो प्रोग्राम की प्रभावशीलता को मापने में मदद करेगा।
