Epuja Spiritech Limited ने शेयरहोल्डर्स के लिए एक ज़रूरी वोटिंग प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी दो अहम प्रस्तावों पर शेयरधारकों की राय जानने के लिए पोस्टल बैलेट का सहारा ले रही है। पहला प्रस्ताव Winfotel Infomedia Technologies Pvt Ltd और Divit India Services Pvt Ltd को प्रमोटर कैटेगरी से पब्लिक कैटेगरी में रीक्लासिफाई करने से जुड़ा है। इन दोनों एंटिटीज़ के पास कुल 90,75,000 शेयर्स हैं।
दूसरा प्रस्ताव 'Epuja Spiritech Employee Stock Option Scheme 2026' के तहत 3,00,00,000 (तीन करोड़) स्टॉक ऑप्शन को जोड़ने का है। कंपनी का मानना है कि इससे वह इंडस्ट्री के बेस्ट टैलेंट को आकर्षित कर सकेगी और उन्हें कंपनी से जोड़े रख सकेगी।
शेयरहोल्डर्स 27 मार्च 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन वोट डाल सकेंगे। नतीजों की घोषणा 27 अप्रैल 2026 तक कर दी जाएगी।
इन फैसलों का असर
प्रमोटरों के रीक्लासिफिकेशन से कंपनी की ओनरशिप स्ट्रक्चर में बदलाव आ सकता है और इसके गवर्नेंस पर भी असर पड़ सकता है। वहीं, बड़े ESOP पूल का ऐलान एम्प्लॉईज़ को मोटिवेट करने की रणनीति दिखाता है, लेकिन अगर ये ऑप्शन इस्तेमाल हुए तो भविष्य में कंपनी के इक्विटी में डाइल्यूशन (dilution) का खतरा भी पैदा हो सकता है।
कंपनी के बारे में
Epuja Spiritech एक फेथ-टेक प्लेटफॉर्म है जो ई-पूजा, ज्योतिष और आध्यात्मिक टूर जैसी सेवाएं देता है। यह पहले Sagar Productions Limited के नाम से जानी जाती थी। कंपनी ने फरवरी 2026 में अपने ESOP 2025 स्कीम के तहत 63,00,000 स्टॉक ऑप्शन का ऐलान किया था। Winfotel Technologies Private Limited के पास Epuja Spiritech के करीब 90 लाख शेयर्स (लगभग 8.03%) हैं, जबकि Divit India Services Pvt Ltd के पास 75,000 शेयर्स हैं।
भारत में प्रमोटर रीक्लासिफिकेशन SEBI के नियमों के तहत एक प्रॉपर प्रक्रिया है, जिसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी और विस्तृत खुलासे ज़रूरी होते हैं।
संभावित जोखिम
वोटिंग के दौरान शेयरहोल्डरों की असहमति इन प्रस्तावों को रिजेक्ट करवा सकती है, जिसका असर ESOP प्लान और मालिकाना हक में बदलाव दोनों पर पड़ेगा। इसके अलावा, नए स्टॉक ऑप्शन के इस्तेमाल से होने वाले इक्विटी डाइल्यूशन पर भी निवेशकों को पैनी नज़र रखनी होगी। Epuja Spiritech को पहले भी फाइनेंशियल रिजल्ट्स की देरी से फाइलिंग के लिए ₹93,000 का फाइन भरना पड़ा था।
इंडस्ट्री में तुलना
EIH Limited और Arvind Limited जैसी कंपनियों ने भी इसी तरह के प्रमोटर रीक्लासिफिकेशन प्रोसेस को सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिसमें शेयरधारकों की सहमति और स्टॉक एक्सचेंज की मंजूरी शामिल थी। Vedanta Limited भी उन कंपनियों में से एक है जिसने एम्प्लॉई वेल्थ बढ़ाने के लिए बड़े ESOP प्रोग्राम का सहारा लिया है।
आगे क्या देखना है
अब सबकी नज़र पोस्टल बैलेट के नतीजों पर होगी, जो 27 अप्रैल 2026 तक आने की उम्मीद है। इसके बाद Epuja Spiritech द्वारा मंजूर किए गए प्रस्तावों को लागू करने के तरीके को लेकर किए जाने वाले किसी भी ऐलान पर भी ध्यान देना ज़रूरी होगा।
